मैनपुरी (उत्तर प्रदेश), 13 अक्टूबर (भाषा) उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले में 14 वर्षीय दलित लड़की के साथ सामूहिक दुष्कर्म के मामले में 50 वर्षीय व्यक्ति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है, जबकि पर्याप्त सबूतों के अभाव में सह-आरोपी को बरी कर दिया गया है। एक सरकारी वकील ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
राज्य की अभियोजक शैलेंद्री राजपूत ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो अधिनियम) जेहेंद्र पाल सिंह ने सोमवार को दोषी को सजा सुनाई और एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, घटना 15 सितंबर 2025 को पूर्वाह्न करीब 11 बजे हुई थी जब नौवीं कक्षा में पढ़ने वाली लड़की कुरावली थाना क्षेत्र में मवेशियों को लेकर खेत में गई थी।
अभियोजन पक्ष ने बताया कि बिछिया विक्रमपुर निवासी महावीर यादव और सह-आरोपी नवी चंद यादव ने लड़की को कथित तौर पर पकड़ लिया और विरोध के बावजूद दुष्कर्म किया। उन्होंने घटना के बारे में किसी को बताने पर उसके परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी।
नवी चंद यादव ने इस घटना का कथित तौर पर वीडियो भी बनाया था। डर के कारण लड़की ने शुरुआत में अपने परिवार को आपबीती नहीं बताई।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, 17 सितंबर 2025 को लड़की की मां ने वीडियो देखा, जिसके बाद कुरावली थाने में दोनों आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई।
दोनों आरोपियों ने कथित तौर पर जातिसूचक गालियां देकर पीड़िता के परिवार को धमकी भी दी थी।
चिकित्सकीय जांच में दुष्कर्म की पुष्टि हुई और पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद दोनों आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया।
राजपूत ने बताया कि अभियोजन पक्ष ने अदालत में गवाह और दस्तावेजी साक्ष्य पेश किए और साक्ष्यों की जांच करने व दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायाधीश ने महावीर यादव को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
पर्याप्त साक्ष्य नहीं होने के कारण नवी चंद यादव को बरी कर दिया गया।
भाषा सं जफर जोहेब
जोहेब