सना, 13 अक्टूबर (एपी) यमन के ईरान-समर्थित हूती विद्रोहियों ने मंगलवार को सऊदी अरब पर आरोप लगाया कि उसने यमन की उत्तरी सीमा से सटे क्षेत्रों तथा पश्चिमी समुद्रतटीय इलाकों में रातभर हवाई हमले किये।
सऊदी अरब ने, हालांकि इस दावे पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन ये हमले इसकी राजधानी रियाद में हवाई हमले के सायरन बजने के कुछ ही घंटों बाद हुए।
यमन के हूती विद्रोहियों को ईरान का समर्थन प्राप्त है।
विद्रोहियों द्वारा संचालित अल-मसीरा उपग्रह टेलीविजन ने कहा कि दो हवाई हमले लाल सागर में हूतियों के कब्जे वाले द्वीप कामरान पर किये गये, जबकि तीसरा हवाई हमला बंदरगाह शहर होदेइदा से 55 किलोमीटर दूर उत्तर पश्चिम में कानाविस जिले में किया गया।
अल-मसीरा ने सऊदी अरब की सीमा से लगे जॉफ प्रांत में भी हवाई हमले होने की खबर दी है।
उसने इन हमलों के लिए सऊदी अरब को जिम्मेदार ठहराया, लेकिन ज्यादा ब्योरा नहीं दिया।
विद्रोहियों ने यह भी कहा कि उन्होंने सऊदी अरब की सीमा से सटे उत्तरी यमन के सादा प्रांत में सऊदी अरब का एक ड्रोन मार गिराया। यह प्रांत हूती विद्रोहियों का गढ़ है।
सऊदी अरब की ओर से इन हमलों के सिलसिले में तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आयी है।
हूतियों ने यह भी कहा कि उन्होंने किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे की ओर एक बैलिस्टिक मिसाइल दागी।
कतर के अमीर ने मंगलवार को सुरक्षा के मामले में खाड़ी देशों के बीच बेहतर तालमेल की अपील की। यह अपील ऐसे समय में की गई है, जब अमेरिका और इजराइल के साथ युद्ध के दौरान ईरान द्वारा महीनों तक किए गए हमलों के बाद हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब के बीच टकराव बढ़ गया है।
शेख तमीम बिन हमद अल थानी ने खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री मार्गों एवं ऊर्जा बुनियादी ढांचे को सुरक्षित करने के लिए प्रयासों को तेज करने का भी आह्वान किया।
अमेरिका और ईरान के बीच 28 फरवरी को जंग शुरू हुई थी।
एपी राजकुमार सुरेश
सुरेश