नयी दिल्ली, 13 अक्टूबर (भाषा) मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने जंतर-मंतर को विरोध प्रदर्शन के स्थल के रूप में गैर-अधिसूचित किए जाने के फैसले की मंगलवार को निंदा की और आरोप लगाया कि इस कदम का उद्देश्य असहमति को दबाना तथा शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार को कमजोर करना है।
दिल्ली पुलिस ने सोमवार को जंतर-मंतर को विरोध-प्रदर्शनों के लिए निर्धारित स्थल के रूप में गैर-अधिसूचित कर दिया था और रामलीला मैदान, उत्तरी दिल्ली के बुराड़ी मैदान तथा पूर्वी दिल्ली के सीबीडी मैदान को वैकल्पिक स्थल घोषित किया था। यह आदेश केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा वैकल्पिक स्थलों पर विचार के लिए गठित समिति की सिफारिशों के बाद जारी किया गया।
माकपा पोलित ब्यूरो ने फैसले की निंदा करते हुए आरोप लगाया कि यह केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत सरकार की ‘‘असहमति के प्रति बढ़ती असहिष्णुता और शांतिपूर्ण विरोध के संवैधानिक अधिकार के प्रति उपेक्षा’’ को दर्शाता है।
पार्टी ने कहा कि वैकल्पिक स्थल जंतर-मंतर की तरह सुगम और राजनीतिक सत्ता के केंद्रों से निकट नहीं हैं।
पोलित ब्यूरो ने कहा कि जंतर-मंतर सार्वजनिक विरोध-प्रदर्शन का स्थल बना रहेगा और वहां शांतिपूर्ण प्रदर्शनों को रोकने के हर प्रयास का विरोध किया जाएगा।
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