बेंगलुरु, 13 अक्टूबर (भाषा) कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने सोशल मीडिया पर अपने खिलाफ जारी ‘झूठे प्रचार’ पर रोक लगाने का अनुरोध करते हुए अदालत का रुख किया है।
इस बीच, उनके बेटे एवं कर्नाटक सरकार में मंत्री यतींद्र सिद्धरमैया ने विवादित वीडियो को मंगलवार को फर्जी बताते हुए खारिज कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि इसका मकसद उनके पिता की छवि को धूमिल करना है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सिद्धरमैया ने सोमवार देर रात संवाददाताओं से कहा था, ‘‘सोशल मीडिया पर मेरे खिलाफ झूठा प्रचार किया जा रहा है। इसीलिए मैं स्थगन आदेश का अनुरोध कर रहा हूं।’’
हालांकि, उन्होंने इस संबंध में विस्तृत जानकारी नहीं दी।
यतींद्र ने कहा कि वीडियो प्रसारित करने के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर शिकायत भी दर्ज कराई गई है।
उन्होंने कहा, ‘‘वे झूठी बातें फैला रहे हैं। क्या हम चुपचाप बैठकर देखते रह सकते हैं?’’
उन्होंने कहा कि जो लोग सच्चाई से अनजान हैं, वे इस वीडियो को असली मान सकते हैं।
यतींद्र ने वीडियो के ‘स्टिंग ऑपरेशन’ होने के दावों को खारिज करते हुए कहा, ‘‘यह कोई स्टिंग ऑपरेशन नहीं है, बल्कि झूठी बातें फैलाने और किसी की छवि खराब करने की साजिश है।’’
यह पूछे जाने पर कि क्या राजनीतिक स्थितियां उस स्तर पर पहुंच गई हैं जहां नेताओं को अदालत का रुख करना पड़ रहा है, यतींद्र ने कहा कि सिद्धरमैया जैसे वरिष्ठ नेता को भी झूठे आरोपों का सामना करना पड़ रहा है।
यतींद्र ने कहा कि वीडियो सामने आते ही उनके पिता ने उन्हें इस बारे में सूचित किया था और कहा था कि वह शिकायत दर्ज कराना चाहते हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘मैंने उनसे कहा कि वे कानूनी सलाह लेने के बाद शिकायत दर्ज कराएं।’’
यह पूछे जाने पर कि क्या इन घटनाक्रमों से वह व्यवस्था से निराश हैं, यतींद्र ने कहा कि अगर किसी ने कुछ गलत नहीं किया है तो बुरा लगने का कोई कारण नहीं है।
मंत्री ने कहा, ‘‘बुरा केवल तभी लगना चाहिए जब आपने कुछ गलत किया हो।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हम व्यवस्था के बारे में क्या कर सकते हैं? व्यवस्था आज खराब स्थिति में है। एक बार जब हम राजनीति में आते हैं, तो जो भी स्थिति आए हमें उसका सामना करना पड़ता है।’’
भाषा खारी संतोष
संतोष
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