नयी दिल्ली, 13 अक्टूबर (भाषा) घरेलू प्रौद्योगिकी कंपनी जोहो कॉरपोरेशन के संस्थापक श्रीधर वेम्बू ने मंगलवार को कहा कि कृत्रिम मेधा (एआई) से जुड़े बुनियादी ढांचे की तेजी से बढ़ती लागत और सॉफ्टवेयर क्षेत्र के अनिश्चित भविष्य को देखते हुए कर्मचारियों की सालाना वेतन वृद्धि रोक दी गई है। इसके साथ ही कंपनी ने विपणन (मार्केटिंग) खर्च भी घटाया है।
सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर वेम्बू ने सॉफ्टवेयर क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर रोजगार की स्थिति को ‘‘गंभीर’’ बताया।
उन्होंने कहा कि कंपनी ने बड़े पैमाने पर कर्मचारियों की छंटनी से बचने की कोशिश करते हुए पिछले डेढ़ साल में अपने श्रमबल में बढ़ोतरी नहीं की है।
वेम्बू ने कहा, ‘‘सॉफ्टवेयर कारोबार का भविष्य अनिश्चित है और एआई ने लागत में भारी बढ़ोतरी की है। इसके दो प्रमुख कारण हैं—पहला, डेटा केंद्रों के लिए जरूरी सर्वर की कीमतें चार गुना बढ़ गई हैं और दूसरा, एआई का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है जिससे खर्च काफी बढ़ गया है। हम इस खर्च को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहे हैं।’’
उन्होंने कहा कि चुनौतीपूर्ण भू-राजनीतिक परिस्थितियों ने परिचालन से जुड़ी इन मुश्किलों को और बढ़ा दिया है।
इन चुनौतियों से निपटने के लिए कंपनी की ओर से उठाए गए कदमों की जानकारी देते हुए वेम्बू ने कहा कि विपणन पर होने वाला खर्च घटाया गया है और कर्मचारियों को वेतन वृद्धि रोकने के फैसले के बारे में बता दिया गया है।
उन्होंने कहा, ‘‘हमने मार्केटिंग बजट घटा दिया है। हमने अपने कर्मचारियों से यह भी कहा है कि इस साल हम सामान्य रूप से होने वाली वेतन वृद्धि नहीं कर सकते। ऐसा करने के लिए मैंने उनसे माफी मांगी है।’’
उन्होंने कहा कि स्थिति को समझने के लिए वह कर्मचारियों के आभारी हैं।
वेम्बू ने कहा कि कंपनी बड़े पैमाने पर छंटनी से बचने के लिए हरसंभव प्रयास करेगी, लेकिन ‘‘सॉफ्टवेयर क्षेत्र में नौकरियों का भविष्य कुल मिलाकर गंभीर है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हम खुद को नए सिरे से तैयार करने की प्रक्रिया में हैं। अगले तीन से पांच साल तय करेंगे कि हम इस बदलाव में कितने सफल रहे हैं। कृपया हमारे लिए प्रार्थना करें।’’
भाषा निहारिका अजय
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