मुंबई, 13 अक्टूबर (भाषा) पिछले महीने परीक्षा के दौरान नकल करते हुए पकड़े जाने के कुछ घंटे बाद आत्महत्या करने वाले आईआईटी मुंबई के 22 वर्षीय छात्र ने संस्थान से लिखित माफी मांगते हुए दूसरा मौका देने का अनुरोध किया था। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
एक अधिकारी ने बताया कि छात्र की मौत की जांच कर रही मुंबई अपराध शाखा ने 40 से अधिक लोगों के बयान दर्ज किए हैं, जिनमें भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मुंबई के निदेशक शिरीष केदारे और प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला भी शामिल हैं। मृतक छात्र के माता-पिता ने प्रोफेसर पर उत्पीड़न और जाति आधारित भेदभाव के आरोप लगाए हैं।
बीटेक के द्वितीय वर्ष के छात्र साहिल वाकोडे का शव 18 सितंबर की शाम उसके छात्रावास के कमरे में फंदे से लटका हुआ मिला था।
इससे कुछ घंटे पहले ही ‘मिड-सेमेस्टर’ परीक्षा के दौरान कथित तौर पर मोबाइल फोन से चैटजीपीटी का इस्तेमाल करते हुए उसे पकड़ा गया था।
अधिकारी ने बताया कि परीक्षा में कथित तौर पर नकल करते हुए पकड़े जाने के बाद वाकोडे ने संस्थान को दिए लिखित बयान में कहा था कि उसने परीक्षा की अच्छी तैयारी नहीं की थी।
अधिकारी के अनुसार उसने अपनी गलती स्वीकार करते हुए दूसरा मौका देने का अनुरोध किया था।
छात्र के पिता की शिकायत के बाद पवई पुलिस ने प्रोफेसर डूला के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी।
पुलिस के अनुसार, आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में आरोपी बनाए गए प्रोफेसर डूला ने पुलिस को दिए बयान में छात्र के माता-पिता द्वारा लगाए गए उत्पीड़न के आरोपों से इनकार किया है।
मृतक छात्र के माता-पिता रवींद्र और सोनाली वाकोडे ने अपने बेटे को न्याय दिलाने की मांग करते हुए 24 सितंबर को दक्षिण मुंबई के आजाद मैदान में भूख हड़ताल शुरू की थी।
उन्होंने प्रतिष्ठित संस्थान में जातिगत भेदभाव होने का आरोप लगाया है।
भाषा जोहेब गोला
गोला