पटना, 13 अक्टूबर (भाषा) भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन के छात्र और युवा संगठनों ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के तत्काल इस्तीफे की मांग को लेकर मंगलवार को पटना में प्रदर्शन किया और एक रैली निकाली।
प्रदर्शन के दौरान रैली गांधी मैदान से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शुरू हुई और बिहार लोक भवन की ओर बढ़ रही थी। हालांकि, पुलिस ने जेपी गोलंबर के पास प्रदर्शनकारियों को रोक दिया।
अखिल भारतीय छात्र संघ (आइसा) और इंकलाबी नौजवान सभा (आरवाईए) के सदस्यों ने मार्च के दौरान ‘ज्ञानेश कुमार, इस्तीफा दो’ के नारे लगाए।
इस बीच, गांधी मैदान के निकट जेपी गोलंबर पर कुछ प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़ दिए और डाकबंगला चौराहे की ओर आगे बढ़ गए।
पटना जिला प्रशासन ने इससे पहले एक आधिकारिक बयान जारी कर सभी संगठनों और व्यक्तियों को निर्देश दिया था कि वे अपना प्रदर्शन केवल गर्दनीबाग स्थित निर्धारित धरना स्थल पर ही करें।
बयान में कहा गया कि निर्धारित स्थल के अलावा अन्य स्थानों पर प्रदर्शन करने से यातायात बाधित होता है और आम लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ता है। इससे स्कूलों, अस्पतालों और अदालतों जैसे महत्वपूर्ण संस्थानों के कामकाज पर भी प्रतिकूल असर पड़ता है। इसके अलावा, व्यापारियों और अन्य कारोबारियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है तथा बुजुर्गों, मरीजों, स्कूली बच्चों और एम्बुलेंस सहित आपातकालीन सेवाओं की आवाजाही प्रभावित होती है।
जिला प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए चेतावनी दी कि अनधिकृत स्थानों पर प्रदर्शन करने या प्रशासन के निर्देशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता मृत्युंजय तिवारी ने ‘पीटीआई वीडियो’ से कहा, “लोकतंत्र में सभी को विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार है, लेकिन किसी को भी जनजीवन बाधित करने और देश में अराजकता फैलाने की अनुमति नहीं दी जा सकती। केंद्र की मोदी सरकार और बिहार की सम्राट चौधरी सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि राष्ट्रविरोधी ताकतें हावी न हों।”
भाषा कैलाश
मनीषा
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