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इन्फ्लुएंसर को मिठाई के डिब्बे की आस में घर का पता साझा करना पड़ा भारी, तंग आकर घर छोड़ा

मदुरै (तमिलनाडु), 13 अक्टूबर (भाषा) दीपावली पर मिठाई का डिब्बा पाने की चाहत में एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ने अपने घर का पता क्या साझा किया, उसके लिए मुसीबतों का पिटारा ही खुल गया। मिठाई तो मिली नहीं, लेकिन घर पर वॉशिंग मशीन, फ्रिज, स्मार्टफोन और टीवी जैसे महंगे सामानों की डिलीवरी होने लगी और ‘कैश ऑन डिलीवरी’ (सीओडी) के इन ऑर्डर से परेशान होकर आखिरकार उसे अपना घर ही छोड़ना पड़ा।

हद तो तब हो गई जब कुछ शरारती तत्वों ने उनके पते पर जेसीबी खुदाई मशीनों और 70 करोड़ रुपये के सैन्य टैंकों तक के ऑर्डर दे दिए।

मदुरै के रहने वाले सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर वीरमणि अपने स्थानीय अंदाज में बोलने और मजेदार पोस्ट के लिए जाने जाते हैं। हाल ही में उन्होंने दीपावली पर मिठाई का एक डिब्बा पाने की उम्मीद में पश्चिम अनूप्पनाडी स्थित अपने घर का पता सोशल मीडिया पर साझा किया था। उन्हें उम्मीद थी कि कोई उदार ‘फॉलोअर’ उनकी फरमाइश पूरी कर देगा।

लेकिन कुछ शरारती फॉलोअर ने उनकी इस अपील का गलत फायदा उठाते हुए उनके घर के पते पर कैश ऑन डिलीवरी (सामान की डिलीवरी मिलने पर पैसे देने की सुविधा) के जरिए एक के बाद एक सामानों के ऑर्डर देने शुरू कर दिए।

देखते ही देखते अमेजन और फ्लिपकार्ट जैसी ई-कॉमर्स कंपनियों के डिलीवरी एजेंट उनके घर पहुंचने लगे। उनके हाथों में वॉशिंग मशीन, फ्रिज, स्मार्टफोन और टेलीविजन जैसे महंगे इलेक्ट्रॉनिक सामान थे। एक टेलीविजन सेट का ऑर्डर तो 1.69 लाख रुपये का निकला।

वीरमणि ने न तो इन सामानों का ऑर्डर दिया था और न ही उनके पास इनके भुगतान के लिए पैसे थे। ऐसे में वह न तो सामान स्वीकार कर सकते थे और न ही डिलीवरी एजेंटों को जरूरी ‘ओटीपी’ (वन टाइम पासवर्ड) दे सकते थे, जिसके बिना डिलीवरी की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकती थी।

शरारत करने वालों ने सोशल मीडिया पर स्क्रीनशॉट भी साझा किए। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने वीरमणि के पते पर जेसीबी खुदाई मशीनों और 70 करोड़ रुपये के सैन्य टैंकों तक के ऑर्डर दे दिए हैं, जिनका भुगतान सामान की डिलीवरी के समय किया जाना था।

मुसीबत यहीं खत्म नहीं हुई। घरेलू उपकरणों के अलावा ‘स्विगी’ और ‘जोमैटो’ के डिलीवरी एजेंट भी खाने-पीने के सामान लेकर वीरमणि के घर पहुंचने लगे।

लगातार आ रहे इन ऑर्डर से तंग आकर वीरमणि ने अपने घर से एक वीडियो साझा किया। इसमें उन्होंने अपने फोलोअर से हाथ जोड़ते हुए ऐसी शरारतें बंद करने की अपील की।

उन्होंने कहा, “मिठाई का एक डिब्बा मांगने के बाद से मैं बहुत परेशान हो रहा हूं। मैं आपके पैर पड़ता हूं... कृपया ऑर्डर देना बंद कर दीजिए। मैं बहुत ज्यादा मानसिक दबाव में हूं।”

हालांकि, उनकी इस सार्वजनिक अपील का भी कोई असर नहीं हुआ। सामानों की डिलीवरी का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा था।

जब पत्रकार और सोशल मीडिया के कुछ अन्य इन्फ्लुएंसर अनूप्पनाडी स्थित उनके घर पहुंचे, तो उन्हें मकान पर ताला लगा मिला।

पड़ोसियों ने बताया कि डिलीवरी एजेंटों के दिन-रात लगातार घर पहुंचने और लगातार ‘परेशान’ होने के कारण वीरमणि को अपना सामान समेटकर वहां से जाना पड़ा।

सोशल मीडिया पर हाल में एक रील में वीरमणि ने कहा, “मैं यात्रा कर रहा हूं। अब कोई मेरा पता नहीं ढूंढ़ सकता। अब कोई मुझे नियंत्रित नहीं कर सकता।”

फिलहाल, वीरमणि कहां हैं, इसका पता नहीं चल पाया है। सार्वजनिक रूप से उपलब्ध उनके फोन नंबर पर किए जाने वाले कॉल भी ब्लॉक हो रहे हैं। यानी दीपावली पर मिठाई का एक डिब्बा पाने की छोटी-सी उम्मीद से शुरू हुआ यह मामला अब उनके लिए ऐसी मुसीबत बन गया है कि उन्हें अपना घर छोड़कर ही जाना पड़ा।

भाषा गोला वैभव

वैभव