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मनसे नेता की टिप्पणी के खिलाफ ठाणे में पत्रकारों का प्रदर्शन, माफी की मांग की

ठाणे, 13 अक्टूबर (भाषा) महाराष्ट्र के ठाणे में स्थानीय पत्रकारों ने सार्वजनिक रैली के दौरान मीडिया कर्मियों के खिलाफ कथित तौर पर अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने को लेकर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के पदाधिकारी अविनाश जाधव के खिलाफ नगर निगम मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन किया और उनसे माफी की मांग की।

यह प्रदर्शन ठाणे में बिगड़ती कानून-व्यवस्था और शिवसेना (उबाठा) के नेता प्रदीप पूर्णेकर की हत्या के विरोध में विपक्षी दलों द्वारा नौ अक्टूबर को किए गए प्रदर्शन के बाद हुआ। उस रैली के दौरान जाधव ने आरोप लगाया था कि कुछ पत्रकार बिके हुए हैं और वे गंभीर मुद्दों को नजरअंदाज कर सत्तारूढ़ दलों के नेताओं के पक्ष में खबरें प्रकाशित करते हैं।

‘ठाणे सिटी जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन’ के सदस्यों ने सोमवार को जाधव की टिप्पणी के खिलाफ यहां नगर निगम कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया और उनसे बिना शर्त सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

इस मामले में जाधव की प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी।

प्रदर्शनकारी पत्रकारों ने कहा कि पत्रकारिता लोकतंत्र का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है, जो जनता के मुद्दों को उठाने, अन्याय को उजागर करने और अधिकारियों को जवाबदेह ठहराने का काम करती है। उन्होंने कहा कि मीडिया को ‘बिका हुआ’ बताने से पत्रकारिता की विश्वसनीयता को सीधे तौर पर नुकसान पहुंचता है।

एसोसिएशन ने कहा कि लोकतंत्र में खबरों के प्रसारण को लेकर असहमति और आलोचना हो सकती है, लेकिन ऐसी आलोचना तथ्यों पर आधारित होनी चाहिए, न कि अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल करके पूरे पत्रकारिता पेशे को निशाना बनाने वाली।

एसोसिएशन ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ युवाओं के नेतृत्व में हुए विरोध प्रदर्शनों की कवरेज के दौरान दिल्ली पुलिस द्वारा पत्रकारों के साथ कथित तौर पर धक्का-मुक्की किए जाने की भी निंदा की।

भाषा तान्या मनीषा

मनीषा