Breaking News

अमित शाह मानहानि मामले में सुल्तानपुर कोर्ट ने राहुल गांधी को बरी किया     |   खड़गे के विवादित बयान पर भड़के बीजेपी कार्यकर्ता, पटना में बड़ा प्रोटेस्ट     |   राहुल गांधी के काफिले की गाड़ियां आपस में टकराईं, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर हादसा     |   UP: बस्ती में बाइक पर पलटा तेज रफ्तार से आ रहा ट्रक, तीन की मौत     |   आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा की ओर बढ़ रहा चक्रवाती तूफान, ऑरेंज अलर्ट जारी     |  

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को लेकर बहस, दुनिया के कई शहरों में बीचोंबीच हैं प्रदर्शन स्थल

नयी दिल्ली, 13 अक्टूबर (भाषा) दिल्ली में जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाए जाने के बाद इस सवाल पर फिर चर्चा शुरू हो गई है कि क्या शहर के बीचोंबीच प्रदर्शन की अनुमति दी जानी चाहिए? हालांकि, दुनिया भर में ऐसे कई प्रमुख स्थान हैं, जो शहरों के मध्य में हैं और जहां लोगों को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के तहत अपनी बात रखने और प्रदर्शन करने की अनुमति है।

लंदन के स्पीकर्स कॉर्नर, ट्राफलगर स्क्वायर और पार्लियामेंट स्क्वायर से लेकर न्यूयॉर्क के यूनियन स्क्वायर, वाशिंगटन के लाफायेट स्क्वायर और नेशनल मॉल, इस्तांबुल के तकसीम स्क्वायर, सिंगापुर के हांग लिम पार्क और पेरिस के प्लेस डे ला बास्तील तक, ये सभी शहर के प्रमुख हिस्सों में स्थित हैं।

इसके अलावा, काहिरा का तहरीर स्क्वायर, कीव का मैदान नेजालेझनोस्ती और बीजिंग का तियानमेन स्क्वायर हाल के इतिहास में हुए कुछ सबसे बड़े प्रदर्शनों के लिए दुनिया भर में चर्चित रहे हैं।

दिल्ली में शहर के बीचोंबीच स्थित बोट क्लब कभी प्रदर्शन का प्रमुख स्थल हुआ करता था। इंडिया गेट के पास स्थित बोट क्लब को प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाए जाने के बाद जंतर-मंतर विरोध प्रदर्शनों का पर्याय बन गया। रामलीला मैदान भी प्रदर्शन के आधिकारिक प्रदर्शन स्थलों में शामिल है और शहर के मध्य में स्थित है, लेकिन जंतर-मंतर या बोट क्लब जितनी चर्चा इसकी नहीं है।

दुनिया के विभिन्न शहरों के बीचोंबीच स्थित प्रदर्शन के कुछ प्रमुख स्थलों की सूची इस प्रकार है :-

हाइड पार्क, लंदन : लंदन के प्रसिद्ध हाइड पार्क के उत्तर-पूर्वी कोने में स्थित स्पीकर्स कॉर्नर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के लिए समर्पित है। उन्नीसवीं सदी के मध्य से यह सार्वजनिक भाषणों और बहस का पारंपरिक स्थल रहा है। कार्ल मार्क्स और व्लादिमीर लेनिन जैसे नेताओं के अलावा जॉर्ज ऑरवेल जैसी प्रसिद्ध हस्तियां भी यहां अपनी बात रख चुकी हैं।

वर्ष 1872 में ब्रिटेन की संसद ने हाइड पार्क के इस हिस्से को सार्वजनिक भाषणों के लिए निर्धारित किया था। आज भी रविवार की सुबह यहां लोगों की भीड़ जुटना आम बात है, जो विभिन्न वक्ताओं के विचार सुनती है। इसकी आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, कोई भी व्यक्ति बिना पूर्व सूचना दिए यहां किसी भी विषय पर बोल सकता है, बशर्ते पुलिस को उसका भाषण कानून के अनुरूप लगे।

ट्राफलगर स्क्वायर, लंदन : संग्रहालयों, कला दीर्घाओं, सांस्कृतिक स्थलों और ऐतिहासिक इमारतों से घिरा यह स्थान लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शनों का प्रमुख केंद्र है।

यहां सप्ताहांत में राजनीतिक, धार्मिक और अन्य मुद्दों पर अक्सर रैलियां और प्रदर्शन होते हैं। लंदन के मेयर इस लोकतांत्रिक परंपरा का समर्थन करते हैं और ऐसे आयोजनों के लिए इस चौक का इस्तेमाल करने की अनुमति देते हैं।

व्हाइटहॉल/पार्लियामेंट स्क्वायर, लंदन : वेस्टमिंस्टर पैलेस (संसद भवन) के उत्तर-पश्चिमी छोर पर स्थित यह स्थान सरकारी कार्यालयों, डाउनिंग स्ट्रीट और वेस्टमिंस्टर एबे से सीधे जुड़ा है। ब्रिटिश सरकार और न्यायपालिका के केंद्र के नजदीक होने के कारण यह सार्वजनिक सभाओं का प्रमुख स्थल है।

यूनियन स्क्वायर, न्यूयॉर्क : न्यूयॉर्क शहर के मैनहट्टन में स्थित यूनियन स्क्वायर पार्क एक ऐतिहासिक सार्वजनिक चौक और राष्ट्रीय ऐतिहासिक स्थल है। उन्नीसवीं सदी के मध्य से यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, श्रमिक आंदोलनों और राजनीतिक प्रदर्शनों का प्रमुख केंद्र रहा है।

लाफायेट स्क्वायर, वाशिंगटन : व्हाइट हाउस के उत्तर में स्थित यह स्थान एक सदी से भी अधिक समय से अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, शोक सभाओं और नागरिक अधिकारों से जुड़े प्रदर्शनों का स्थल रहा है। वर्ष 1889 में लोहे की बाड़ और दरवाजे हटाए जाने के बाद से यहां कोई बाड़ नहीं रही है, जिससे यह स्थान अधिक खुला हो गया था। हालांकि, डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन यहां स्थायी बाड़ लगाने की योजना बना रहा है।

नेशनल मॉल/अमेरिकी कैपिटल परिसर, वाशिंगटन : वर्ष 1964 में वाशिंगटन मार्च और 1970 में पृथ्वी दिवस जैसे कई ऐतिहासिक आयोजनों में बड़ी संख्या में अमेरिकी नागरिक यहां जुटे थे।

तकसीम स्क्वायर, इस्तांबुल (तुर्किये) : शहर के मध्य में स्थित यह ऐतिहासिक सार्वजनिक स्थल कड़ी सुरक्षा के लिए भी जाना जाता है। इसके बावजूद यह श्रमिक रैलियों, विरोध प्रदर्शनों और अन्य सभाओं का प्रमुख केंद्र रहा है।

हांग लिम पार्क, सिंगापुर : इस पार्क का नाम उस कारोबारी के नाम पर पड़ा, जिसने इसके लिए जमीन दान की थी। यहां सिंगापुर की पहली राजनीतिक रैलियां आयोजित हुई थीं। अब यहां सामुदायिक कार्यक्रम भी होते हैं। पार्क में स्थित स्पीकर्स कॉर्नर सिंगापुर का एकमात्र निर्धारित खुला स्थल है, जहां नागरिक भाषण दे सकते हैं या प्रदर्शन कर सकते हैं।

प्लेस डे ला बास्तील, पेरिस : फ्रांसीसी क्रांति के प्रतीक के रूप में पहचाने जाने वाले इस स्थान पर कई विरोध प्रदर्शन, राजनीतिक सभाएं और नागरिक मार्च आयोजित किए गए हैं।

तहरीर स्क्वायर, काहिरा : पहले इस्माइलिया स्क्वायर के नाम से जाना जाने वाला यह चौक दशकों से विरोध प्रदर्शनों का पारंपरिक स्थल रहा है। यहां 1977 में रोटी की कीमतों को लेकर हुए दंगे और 2011 की मिस्र की क्रांति जैसे महत्वपूर्ण घटनाक्रम हुए।

प्लाजा दे मायो, ब्यूनस आयर्स : ब्यूनस आयर्स का यह सबसे पुराना सार्वजनिक चौक शहर के इतिहास की कई महत्वपूर्ण घटनाओं का गवाह रहा है।

उहुरू पार्क, नैरोबी : शहर के केंद्रीय कारोबारी क्षेत्र में स्थित यह सार्वजनिक पार्क प्रदर्शनों, रैलियों और नागरिक समाज के आंदोलनों का ऐतिहासिक स्थल रहा है। वर्ष 2024 में कर वृद्धि के खिलाफ जेन-जी के प्रदर्शन भी यहां हुए थे।

मैदान नेजालेझनोस्ती, कीव : कीव स्क्वायर के नाम से भी पहचाने जाने वाले इस स्थान पर स्वतंत्रता स्मारक स्थित है। यहां नागरिक और राजनीतिक गतिविधियों का लंबा इतिहास रहा है।

जोकालो, मेक्सिको सिटी : आधिकारिक तौर पर प्लाजा दे ला कॉन्स्टिट्यूशन कहलाने वाला यह शहर का मुख्य चौक है। यहां नागरिक सभाएं, राजनीतिक रैलियां और विरोध प्रदर्शन आयोजित किए जाते हैं। इसके आसपास राष्ट्रपति का कार्यालय और मेक्सिको सिटी का मेट्रोपॉलिटन कैथेड्रल स्थित हैं।

प्लाजा इटालिया, सैंटियागो : आधिकारिक तौर पर प्लाजा बाक्वेदानो कहलाने वाले इस स्थान को प्रदर्शनकारी अक्सर प्लाजा दे ला दिग्निदाद भी कहते हैं। यह शहर का प्रमुख स्थल है और राजनीतिक विरोध प्रदर्शनों, सभाओं तथा राष्ट्रीय समारोहों के लिए ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण रहा है।

भाषा मनीषा वैभव

वैभव