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पाकिस्तान सरकार ने खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के मामलों की निगरानी के लिए समिति गठित की

इस्लामाबाद, 13 अक्टूबर (भाषा) पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने खैबर पख्तूनख्वा में शासन और सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी के लिए एक समिति गठित की है। यह कदम संघीय सरकार द्वारा प्रांत में आपातकाल लागू किए जाने के बाद उठाया गया है। यह जानकारी मंगलवार को एक मीडिया रिपोर्ट से मिली।

प्रधानमंत्री के करीबी एक सूत्र के हवाले से ‘डॉन’ अखबार ने बताया कि उपप्रधानमंत्री इसहाक डार की अध्यक्षता में 11 सदस्यीय समिति अनौपचारिक रूप से गठित की गई है और इस संबंध में कोई आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं की गई है।

सूत्र ने बताया कि यह समिति प्रांत में शासन और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों की रोजाना निगरानी करेगी और शरीफ को इसकी रिपोर्ट देगी।

अफगानिस्तान की सीमा से लगे अशांत खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में उग्रवाद से निपटने में प्रांतीय सरकार को विफल बताते हुए संघीय सरकार ने रविवार को वहां आपातकाल लागू कर दिया।

इस कदम के साथ ही जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के नेतृत्व वाली प्रांतीय सरकार का अंत हो गया।

यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई, जब पीटीआई के नेतृत्व में खैबर पख्तूनख्वा के पूर्व मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी ने विरोध मार्च निकाला। मार्च में खान की रिहाई और उन्हें चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की गई।

‘डॉन’ की खबर के अनुसार, समिति खैबर पख्तूनख्वा में नई प्रशासनिक व्यवस्था के साथ करीबी समन्वय भी बनाए रखेगी और सुरक्षा से जुड़े मामलों सहित उसकी जिम्मेदारियों के निर्वहन में सहायता करेगी।

इससे पहले, शरीफ ने प्रांत का कामकाज चलाने के लिए 11 सदस्यीय खैबर पख्तूनख्वा सलाहकार परिषद का गठन किया था। इसे गवर्नर फैसल करीम कुंडी की ‘कैबिनेट’ बताया गया था।

विधि राज्य मंत्री बैरिस्टर अकील ने कहा है कि प्रांत की सुरक्षा स्थिति के आधार पर आपातकाल और राज्यपाल शासन छह महीने से अधिक समय तक लागू रह सकता है।

भाषा तान्या मनीषा

मनीषा