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केरलम में 1.8 करोड़ रुपये प्रति पृथकवास वार्ड के निर्माण की जांच करेगी सरकार

तिरुवनंतपुरम, 12 अक्टूबर (भाषा) केरलम के स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन ने सोमवार को कहा कि राज्य में कोरोना वायरस महामारी के बाद 88 विधानसभा क्षेत्रों में बनाए गए पृथकवास वार्ड के निर्माण में कथित अनियमितताओं की जांच स्वास्थ्य विभाग की विशेषज्ञ टीम करेगी।

मुरलीधरन ने कहा कि प्रत्येक वार्ड के निर्माण पर करीब एक करोड़ 80 लाख रुपये खर्च किए गए, लेकिन बुनियादी सुविधाओं के अभाव में ये लोगों के किसी काम के नहीं हैं।

वह राज्य विधानसभा में कांग्रेस विधायक वी. पी. सजींद्रन के एक सवाल का जवाब दे रहे थे। कुन्नाथुनाड का प्रतिनिधित्व करने वाले सजींद्रन ने आरोप लगाया कि इन पृथकवास वार्ड को राज्य की पूर्व स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने मंजूरी दी थी और इस परियोजना को 'लूट' करार दिया।

सजींद्रन ने कथित अनियमितताओं की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने और वार्ड के निर्माण में शामिल दोनों एजेंसियों को काली सूची में डालने की मांग की।

उन्होंने कहा, 'जिम्मेदार अधिकारियों को दंडित किया जाना चाहिए और इस मामले में जॉर्ज की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए।'

मंत्री ने कहा कि सरकार ने राज्य के 88 विधानसभा क्षेत्रों में आधुनिक पृथकवास वार्ड बनाने का फैसला किया था और इसके लिए 250 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई थी।

उन्होंने बताया कि त्रिशूर स्थित एक एजेंसी को प्रत्येक वार्ड के निर्माण के लिए करीब एक करोड़ 38 लाख रुपये का ठेका दिया गया था, जबकि 'केरल मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन लिमिटेड' (केएमएससीएल) को प्रत्येक वार्ड के लिए लगभग 44 लाख रुपये के उपकरण खरीदने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

मुरलीधरन ने कहा, 'कुल 88 वार्ड में से केवल 55 का निर्माण कार्य पूरा हुआ। इनका भी अलग-अलग चरणों में उद्घाटन किया गया। अक्टूबर 2026 तक 55 में से 33 वार्ड अस्पतालों को सौंप दिए गए थे, जबकि शेष 22 को 'केरल इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट फंड कंसल्टिंग प्राइवेट लिमिटेड' की मदद से चालू किया गया।'

मंत्री ने कहा कि निर्माण कार्य पूरा होने के बावजूद इन 55 वार्ड में से किसी का भी इस्तेमाल मरीजों को रखने या उनका इलाज करने के लिए नहीं किया जा सकता।

भाषा शुभम सुरेश

सुरेश