नयी दिल्ली, 12 अक्टूबर (भाषा) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सोमवार को कहा कि मुंबई की एक विशेष धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) अदालत ने नेशनल स्पॉट एक्सचेंज लिमिटेड (एनएसईएल) से जुड़े धनशोधन मामले में 3,400 करोड़ रुपये से अधिक की कुर्क संपत्तियों के मुद्रीकरण की अनुमति दे दी है।
केंद्रीय एजेंसी के अनुसार, अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि संपत्तियों के मुद्रीकरण से प्राप्त होने वाली 1,950 करोड़ रुपये तक की राशि 63 मून्स टेक्नोलॉजीज लिमिटेड को दी जाए। यह कंपनी 5,682 निर्दिष्ट लेनदारों (निवेशकों) की ओर से धन प्राप्त करने के लिए अधिकृत है।
ईडी ने कहा कि शेष संपत्तियों के संबंध में फैसला विशेष अदालत बाद में करेगी। एजेंसी ने एक बयान में कहा कि धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की विशेष अदालत ने आठ अक्टूबर को यह आदेश दिया था।
ईडी ने 2015 में धनशोधन का मामला दर्ज करने के बाद से 35 आदेशों के जरिये कुल 3,464 करोड़ रुपये की संपत्तियां कुर्क की हैं।
पीएमएलए में वित्तीय अपराधों के पीड़ितों को संपत्तियां लौटाने या उनकी भरपाई करने का प्रावधान है।
नवंबर 2025 में राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) की मुंबई पीठ ने कंपनी अधिनियम के तहत एक ‘व्यवस्था योजना’ को मंजूरी दी थी, जिसके तहत 1,950 करोड़ रुपये के एकमुश्त समझौते का प्रावधान है।
ईडी के अनुसार, इस योजना को 92 प्रतिशत से अधिक लेनदारों ने मंजूरी दी थी और इसके तहत प्रत्येक लेनदार को उसके सत्यापित दावे की कम से कम लगभग 42 प्रतिशत राशि वापस मिलने का आश्वासन दिया गया है।
भाषा दिलीप संतोष प्रशांत
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