नयी दिल्ली, 12 अक्टूबर (भाषा) भारत और यूरोपीय आयोग ने सोमवार को कार्बन मूल्य निर्धारण व्यवस्था तथा निगरानी, रिपोर्टिंग एवं सत्यापन प्रणालियों की मान्यता पर तकनीकी स्तर पर बातचीत जारी रखने को लेकर चर्चा की।
विद्युत मंत्रालय ने सोमवार को बयान में कहा कि बिजली सचिव पंकज अग्रवाल ने नयी दिल्ली में यूरोपीय आयोग के कराधान एवं सीमा शुल्क संघ के महानिदेशक गेरासिमोस थॉमस से मुलाकात की।
दोनों पक्षों ने कार्बन मूल्य निर्धारण व्यवस्था की मान्यता, निगरानी, रिपोर्टिंग एवं सत्यापन (एमआरवी) प्रणालियों तथा क्षमता निर्माण के मुद्दों पर तकनीकी चर्चा जारी रखने की इच्छा जताई। एमआरवी प्रणाली एक ऐसी लेखा प्रक्रिया है, जिसके तहत जलवायु संबंधी कार्रवाई को मापा जाता है, ग्रीनहाउस गैस के उत्सर्जन का आकलन किया जाता है और उत्सर्जन में कमी की पुष्टि की जाती है।
दोनों पक्षों ने कार्बन बाजारों, कार्बन सीमा समायोजन प्रणाली (सीबीएएम) से जुड़ी कार्यप्रणालियों और द्विपक्षीय हित के अन्य क्षेत्रों में सहयोग मजबूत करने तथा संवाद जारी रखने पर सहमति जताई।
बैठक में भारत के कार्बन बाजार के विकास, यूरोपीय संघ की कार्बन सीमा समायोजन प्रणाली (सीबीएएम) और तकनीकी सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर चर्चा हुई।
सचिव ने कार्बन क्रेडिट व्यापार योजना (सीसीटीएस) के तहत भारत की प्रगति का उल्लेख किया। इसमें 490 औद्योगिक इकाइयों के लिए उत्सर्जन तीव्रता घटाने के लक्ष्य अधिसूचित करना और घरेलू कार्बन बाजार विकसित करना शामिल है।
उन्होंने बिजली उत्पादन क्षमता में गैर-जीवाश्म यानी स्वच्छ ईंधन स्रोतों की हिस्सेदारी बढ़ाने की दिशा में भारत की प्रगति का भी उल्लेख किया। देश की कुल 558 गीगावाट स्थापित बिजली उत्पादन क्षमता में स्वच्छ ईंधन स्रोतों की हिस्सेदारी 308 गीगावाट है।
यूरोपीय संघ ने भारत के कार्बन बाजार के विकास में हुई प्रगति की सराहना की और सीबीएएम के क्रियान्वयन से जुड़ी जानकारी साझा की।
भाषा रमण अजय
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