मुंबई, 12 अक्टूबर (भाषा) निजी क्षेत्र के आरबीएल बैंक का एकीकृत शुद्ध लाभ चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में दोगुने से अधिक होकर 498.36 करोड़ रुपये हो गया। बैंक ने सोमवार को कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की एफसीएनआर (बी) जमा योजना से मिले समर्थन ने लाभ और कर्ज वृद्धि में योगदान दिया।
संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के एमिरेट्स एनबीडी के अनुषंगी आरबीएल बैंक ने इस योजना के तहत प्रवासी भारतीयों से 3.4 अरब डॉलर की जमा राशि जुटाई थी।
बैंक ने बताया कि एफसीएनआर (बी) योजना के तहत मिली राशि के इस्तेमाल से बड़ी जमा राशि के भुगतान की लागत में मदद मिली और उसका शुद्ध ब्याज मार्जिन बढ़ा। इसके अलावा, उसने योजना के तहत उपलब्ध लीवरेज प्रावधान का इस्तेमाल करते हुए जमाकर्ताओं को 10,300 करोड़ रुपये का कर्ज भी दिया।
आरबीएल बैंक के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) आर सुब्रमण्यकुमार ने कहा कि इस विशेष योजना से कर्ज में 42 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज करने में मदद मिली। हालांकि, योजना के प्रभाव को अलग रखने पर कर्ज वृद्धि 30 प्रतिशत रही।
जुलाई-सितंबर तिमाही में बैंक की शुद्ध ब्याज आय 37 प्रतिशत बढ़कर 2,131 करोड़ रुपये हो गई। कर्ज में वृद्धि और शुद्ध ब्याज मार्जिन बढ़ने से इसमें मदद मिली। शुद्ध ब्याज मार्जिन एक साल पहले की समान अवधि के 4.51 प्रतिशत और पिछली तिमाही के 4.13 प्रतिशत से बढ़कर 4.61 प्रतिशत हो गया।
सितंबर तिमाही में बैंक की अन्य आय 16 प्रतिशत बढ़कर 1,077 करोड़ रुपये रही। चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में बैंक की कुल आय बढ़कर 5,401.65 करोड़ रुपये हो गई, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 4,441.59 करोड़ रुपये थी।
आलोच्य तिमाही में बैंक के सुरक्षित खुदरा कर्ज में 52 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि कॉरपोरेट कर्ज 60 प्रतिशत बढ़ा।
सुब्रमण्यकुमार ने कहा कि एफसीएनआर (बी) योजना के तहत जुटाई गई जमा राशि का पूरा इस्तेमाल कब तक हो जाएगा, इसकी समयसीमा बताना मुश्किल है। हालांकि, इसमें दो साल से अधिक समय लग सकता है।
उन्होंने कहा कि भविष्य में बैंक का ध्यान भारत-पश्चिम एशिया व्यापार गलियारे में अपनी मौजूदगी बढ़ाने, कॉरपोरेट क्षेत्र में कर्ज देने और कर्ज की राशि बढ़ाने तथा धन प्रबंधन सेवाएं शुरू करने पर रहेगा।
भाषा राजेश राजेश प्रेम
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