नयी दिल्ली, 12 अक्टूबर (भाषा) माल एवं सेवा कर (जीएसटी) अधिकारियों को जल्द केवल माल भेजने वाले राज्यों (स्रोत) और गंतव्य राज्यों में ही वाहनों को जांच के लिए रोकने की अनुमति दी जाएगी। यह अनुमति वरिष्ठ अधिकारी की पूर्व अनुमति के बाद उच्च मूल्य का सामान ले जा रहे वाहनों की जांच के लिए ही होगी।
इस समय जीएसटी अधिकारी अपने अधिकार क्षेत्र की परवाह किए बिना पारगमन के दौरान किसी भी वाहन को रोक सकते हैं और दस्तावेजों की जांच कर सकते हैं।
जीएसटी व्यवस्था के तहत राज्यों के बीच और राज्य के भीतर, दोनों स्तर पर 50,000 रुपये या उससे अधिक मूल्य के माल के परिवहन के लिए ई-वे बिल अनिवार्य है।
आठ अक्टूबर को आयोजित जीएसटी परिषद की 57वीं बैठक में यह मंजूरी दी गई कि केवल वही राज्य जहां से माल रवाना हुआ है (स्रोत राज्य) और जिस राज्य में माल पहुंचना है (गंतव्य राज्य), वे ही परिवहन में शामिल माल की जांच कर सकेंगे। रास्ते में पड़ने वाले राज्य अब वाहन को नहीं रोक सकेंगे।
नए प्रावधानों के अधिसूचित होने के बाद जीएसटी अधिकारी केवल विशिष्ट खुफिया जानकारी के आधार पर ही उच्च मूल्य का सामान ले जा रहे ऐसे वाहनों को रोक सकेंगे। इसके अलावा, वाहन को रोकने के फैसले को पहले कम से कम संयुक्त आयुक्त स्तर के अधिकारी द्वारा अधिकृत किया जाना अनिवार्य होगा।
सूत्रों ने बताया कि ई-वे बिल और अन्य दस्तावेजों की आवश्यकता पहले की तरह ही बनी रहेगी और उनका मिलान किया जाएगा।
एक सूत्र ने कहा, ‘‘जीएसटी अधिकारी द्वारा पारगमन में केवल स्रोत और गंतव्य पर वाहन रोकने की अनुमति देने का निर्णय यह सुनिश्चित करने के लिए है कि अवांछित या मनमानी जांच न हो।’’
सूत्र ने कहा कि किसी भी अधिकारी द्वारा की जाने वाली जांच केवल पुख्ता सूचनाओं पर आधारित होनी चाहिए।
भाषा पाण्डेय अजय
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