नयी दिल्ली/शिमला, 12 अक्टूबर (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के महिला मोर्चा ने सोमवार को दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय के बाहर व हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में प्रदर्शन किया और यौन उत्पीड़न के आरोपों के कारण जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में प्रोफेसर पद से हटाए गए इनर मणिपुर से सांसद आंगोमचा बिमोल अकोइजाम को पार्टी से निष्कासित करने की मांग की।
प्रदर्शन में शामिल केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाद्रा पर लड़कियों के समर्थन में ‘‘खोखले नारे’’ देने का आरोप लगाया।
मंत्री ने कहा, ‘‘आज हम देश की महिलाओं और बेटियों की ओर से प्रियंका गांधी जी से पूछना चाहते हैं कि आपके नारे ‘लड़की हूं, लड़ सकती हूं’ का क्या हुआ? क्या यह खोखला नारा बनकर रह गया है? यह कहां चला गया?’’
भाजपा की महिला इकाई ने अकोइजाम को ‘‘बेशर्मी से संरक्षण’’ देने के लिए कांग्रेस के खिलाफ प्रदर्शन किया।
देवी ने कहा, ‘‘आपकी पार्टी के एक सांसद ने 11 लड़कियों का यौन उत्पीड़न किया है। जेएनयू ने भी इस आरोपी सांसद के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें पद से हटा दिया। इसके बावजूद आप चुप क्यों हैं? राहुल गांधी, आप अपनी चुप्पी कब तोड़ेंगे? उस सांसद को पार्टी से कब निकालेंगे? आपने उनके खिलाफ क्या कार्रवाई की?’’
मंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस की ओर से कार्रवाई नहीं किया जाना दर्शाता है कि ‘‘आपकी पार्टी में महिलाओं के लिए कोई जगह नहीं है।’’
देवी ने प्रियंका गांधी पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘आज वे 11 लड़कियां भी संघर्ष कर रही हैं। वे आपसे पूछ रही हैं कि आप उन्हें न्याय कैसे दिलाएंगी, लेकिन आप चुप हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘यह दोहरा मापदंड और पाखंड कब तक जारी रहेगा? आपको इन सवालों का जवाब देना होगा।’’
देवी ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ कांग्रेस के प्रदर्शन के बारे में पूछे जाने पर आरोप लगाया कि पार्टी अपने ही सांसद के खिलाफ लगे आरोपों से ध्यान भटकाने के लिए प्रदर्शन कर रही है।
उन्होंने कहा, ‘‘पार्टी को पहले पीड़ितों को न्याय दिलाना सुनिश्चित करना चाहिए।’’
भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष रूपकुमारी चौधरी ने कहा कि न्याय की आवाज को दबाया नहीं जा सकेगा और महिलाओं की ताकत झुकेगी नहीं।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस नेतृत्व को एक सांसद को राजनीतिक संरक्षण देकर इस आपराधिक कृत्य में शामिल होने के आरोपों से बचाने के लिए शर्म आनी चाहिए।
रूपकुमारी ने कहा, ‘‘महिला अधिकारों की बात करना कांग्रेस का महज दिखावा है। वास्तव में उसकी सोच महिला-विरोधी है।’’
भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने दिल्ली में ‘पीटीआई-वीडियो’ सेवा से कहा, ‘‘राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे और सोनिया गांधी सहित कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व और पूरी पार्टी ने इस मामले पर चुप्पी साध रखी है। मैं राहुल गांधी से पूछना चाहती हूं कि क्या ‘पितृसत्ता को खत्म करो’ महज राजनीतिक बयानबाजी या चुनावी नारा है? अगर ऐसा नहीं है, तो आज अपने सांसद बिमोल अकोइजाम के खिलाफ कार्रवाई करके दिखाएं।’’
हिमाचल प्रदेश में भी भाजपा महिला मोर्चा ने इस मुद्दे पर राज्य के सभी 12 जिलों में विरोध प्रदर्शन किए।
इस दौरान राहुल गांधी और अकोइजाम के पुतले जलाए गए।
महिला मोर्चा की प्रदेश इकाई की अध्यक्ष डेजी ठाकुर ने कहा, ‘‘जब महिलाओं की अस्मिता पर खतरा मंडराता है, तो हर महिला दुर्गा और चंडी बन जाती है। महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा के मुद्दे पर कोई राजनीतिक समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता।’’
उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं को महिलाओं के सम्मान की वकालत करने के साथ-साथ अपनी पार्टी से जुड़े मामलों में भी जवाबदेही दिखानी चाहिए।
अकोइजाम जेएनयू के सामाजिक विज्ञान संकाय के अंतर्गत सामाजिक प्रणाली अध्ययन केंद्र में प्रोफेसर थे।
यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच के बाद उन्हें नौ अक्टूबर को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया गया था।
हालांकि, उन्होंने इन आरोपों से इनकार किया है।
खबरों के अनुसार, इस साल मई में कम से कम 11 छात्राओं ने अकोइजाम के खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायतें दर्ज कराई थीं।
शिकायतों में आरोप लगाया गया था कि वह बैठकों या अन्य कार्यक्रमों के बहाने छात्राओं को परिसर स्थित अपने आवास पर बुलाते थे और उनका यौन उत्पीड़न करने की कोशिश करते थे।
कुछ छात्राओं ने यह भी आरोप लगाया था कि वह कक्षा में अश्लील और अनुचित टिप्पणियां करते थे।
जेएनयू के मुख्य सुरक्षा अधिकारी की शिकायत के आधार पर रविवार को अकोइजाम के खिलाफ यौन उत्पीड़न और महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई।
भाषा जितेंद्र दिलीप
दिलीप