मुंबई, 12 अक्टूबर (भाषा) मुंबई की एक विशेष सीबीआई अदालत ने 146.35 करोड़ रुपये के केनरा बैंक धोखाधड़ी मामले में अरबपति सर्राफा कारोबारी जतिन मेहता, उनकी पत्नी और एक अन्य व्यक्ति को भगोड़ा घोषित करने का सोमवार को आदेश दिया।
विशेष न्यायाधीश नितिन वी. जिवाने ने फरार आरोपियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की एक याचिका को मंजूरी दे दी, जिसमें दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) के संबंधित प्रावधानों के तहत भगोड़ा घोषित करने का अनुरोध किया गया था। हालांकि, अदालत ने उनकी संपत्तियों को कुर्क करने का अनुरोध स्वीकार नहीं किया।
सीबीआई ने जतिन मेहता, उनकी पत्नी सोनिया मेहता और दो अन्य लोगों की संपत्तियों को कुर्क करने की अनुमति देने का अनुरोध किया था। एजेंसी ने आशंका जताई थी कि आरोपी अपनी संपत्तियां बेच सकते हैं।
अदालत ने कहा कि सीबीआई ने केवल आशंका जताई है, लेकिन अपने दावे को साबित करने के लिए कोई ठोस तथ्य पेश नहीं किए।
अदालत ने कहा कि दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 83 के तहत संपत्ति कुर्क करने का आदेश देने के लिए अदालत का संतुष्ट होना जरूरी है।
अदालत ने कहा कि सीबीआई कानून के अनुसार, मामले की आगे की कार्यवाही के दौरान उचित समय पर संपत्तियों को कुर्क करने के लिए नया आवेदन दाखिल कर सकती है।
भाषा जोहेब नरेश
नरेश