Breaking News

अमित शाह मानहानि मामले में सुल्तानपुर कोर्ट ने राहुल गांधी को बरी किया     |   खड़गे के विवादित बयान पर भड़के बीजेपी कार्यकर्ता, पटना में बड़ा प्रोटेस्ट     |   राहुल गांधी के काफिले की गाड़ियां आपस में टकराईं, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर हादसा     |   UP: बस्ती में बाइक पर पलटा तेज रफ्तार से आ रहा ट्रक, तीन की मौत     |   आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा की ओर बढ़ रहा चक्रवाती तूफान, ऑरेंज अलर्ट जारी     |  

आंध्र में रेलवे पटरी के पास मृत मिली असम की युवती के परिजनों से मिले हिमंत, न्याय का भरोसा दिया

गुवाहाटी, 12 अक्टूबर (भाषा) असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने आंध्र प्रदेश में रेलवे पटरी के पास एक युवती का शव मिलने के बाद सोमवार को उसके घर जाकर परिजनों से मुलाकात की और परिवार को न्याय दिलाने का भरोसा दिया।

हिमाश्री बोडो आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में एक सांस्कृतिक कार्यक्रम में शामिल होने गई थीं।

घर लौटते समय वह छह अक्टूबर को अपनी मंडली से एक दिन पहले ट्रेन में सवार हुई थीं, क्योंकि उसे असम में एक परीक्षा देनी थी।

हालांकि, अगले दिन आंध्र प्रदेश में पोंडुरु और दूसी रेलवे खंडों के बीच पटरी के पास उसका शव मिला।

हिमाश्री ने अपने परिवार के सदस्यों को फोन कर बताया था कि डिब्बे में कई नशे में धुत पुरुषों की मौजूदगी के कारण वह असुरक्षित महसूस कर रही थी।

हिमाश्री का शव शनिवार को असम लाया गया और अंतिम संस्कार किया गया।

शर्मा ने गुवाहाटी के बाहरी इलाके छापोईडोंग में हिमाश्री के घर जाने के बाद पत्रकारों से कहा, ‘‘निष्पक्ष और विस्तृत जांच सुनिश्चित करने के लिए हम आंध्र प्रदेश सरकार और रेल मंत्रालय के साथ करीबी समन्वय बनाए हुए हैं, ताकि जांच तार्किक निष्कर्ष तक पहुंच सके।’’

शर्मा ने कहा कि उन्होंने विस्तृत जांच के लिए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू को पत्र लिखा है।

उन्होंने कहा, ‘‘हिमाश्री की मौत के हालात ने उनके परिवार और आम लोगों के बीच चिंता उत्पन्न की है। हमने घटना की जांच के लिए महानिरीक्षक (आईजी) रैंक के एक अधिकारी को तैनात किया है।’’

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘हम जांच पर करीबी नजर भी रखेंगे और सच्चाई सामने लाने के लिए अपने स्तर पर हरसंभव प्रयास करेंगे।’’

शर्मा ने कहा कि वह शोक संतप्त परिवार के सदस्यों से मिले और उनके प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की तथा उन्हें हरसंभव मदद का भरोसा दिया।

भाषा जितेंद्र नरेश

नरेश