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भारत, ब्रिटेन व्यापार समझौते के इस्तेमाल पर सालाना आंकड़े साझा करेंगे

नयी दिल्ली, 12 अक्टूबर (भाषा) भारत और ब्रिटेन ने अपने व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते (सीईटीए) के इस्तेमाल से जुड़े आंकड़ों का सालाना आदान-प्रदान करने पर सोमवार को सहमति जताई। एक संयुक्त वक्तव्य में यह जानकारी दी गई।

बयान के अनुसार, इसमें कम शुल्क का लाभ लेने के लिए कंपनियों की ओर से किए जाने वाले दावों और समझौते के क्रियान्वयन पर उनकी प्रतिक्रिया से जुड़े आंकड़े शामिल होंगे। यह प्रक्रिया समझौता लागू होने के एक साल बाद शुरू होगी, ताकि अधिक कंपनियां इसका लाभ उठा सकें।

सीईटीए एक तरह का मुक्त व्यापार समझौता है, जो इस साल 15 जुलाई से लागू हुआ।

इस समझौते के तहत भारत के 99 प्रतिशत उत्पादों को ब्रिटेन के बाजार में शुल्क-मुक्त पहुंच मिलती है। इसी तरह, ब्रिटेन के 90 प्रतिशत उत्पाद भारत में या तो शुल्क-मुक्त प्रवेश कर रहे हैं या उन पर कम शुल्क लग रहा है। इससे दोनों देशों के वाहन, विनिर्माण, उपभोक्ता वस्तुओं, रचनात्मक उद्योगों और चिकित्सा प्रौद्योगिकी सहित कई क्षेत्रों को लाभ मिल रहा है।

भारत-ब्रिटेन संयुक्त आर्थिक एवं व्यापार समिति (जेईटीसीओ) की 16वीं बैठक के बाद जारी बयान में कहा गया, ‘‘हम इस बात पर सहमत हुए कि सीईटीए लागू होने की तारीख से एक साल बाद से हम हर साल इस बात से जुड़े आंकड़ों का आदान-प्रदान करेंगे कि कंपनियां इस समझौते का किस तरह इस्तेमाल कर रही हैं। इसमें यह आंकड़ा भी शामिल होगा कि कंपनियां कितनी बार सीईटीए के तहत कम शुल्क का लाभ लेने का दावा करती हैं। इसके साथ ही, इस बारे में कंपनियों की प्रतिक्रिया भी साझा की जाएगी कि क्या बेहतर काम कर रहा है और किन क्षेत्रों में और सहायता की जरूरत है।’’

बयान के अनुसार, इससे दोनों देशों को प्राथमिकताओं की साझा तस्वीर मिलेगी और यह पता चलेगा कि वे अधिक कंपनियों, विशेष रूप से छोटे और मझोले उद्यमों को समझौते का लाभ उठाने में किस तरह मदद कर सकते हैं।

बैठक की सह-अध्यक्षता वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और ब्रिटेन के व्यापार, नवाचार, विज्ञान एवं व्यापार मंत्री जोनाथन रेनॉल्ड्स ने की।

बयान में कहा गया, ‘‘समझौता लागू होने के एक पखवाड़े के भीतर ब्रिटेन से स्कॉटिश सैल्मन मछली की पहली खेप शुल्क-मुक्त भारत पहुंची। तब से कई हजार किलोग्राम सैल्मन का निर्यात किया जा चुका है। स्कॉच व्हिस्की भी कम शुल्क पर भारतीय बाजार में पहुंची है। वहीं, शुल्क दर कोटा के तहत निर्यात की गई पहली कारों को सीमा शुल्क मंजूरी मिल गई है और उन्हें भारत में आयात किया गया है।’’

बयान में कहा गया, ‘‘हमने सीईटीए का सुचारु क्रियान्वयन जारी रखने के लिए एक योजना पर भी सहमति जताई। इसमें समझौते के तहत समितियों और कार्यसमूहों का गठन करना तथा इसके प्रत्येक हिस्से के लिए दोनों सरकारों के बीच संपर्क अधिकारियों की पुष्टि करना शामिल है।’’

इसके अलावा, दोनों पक्षों ने व्यापार समझौते को आगे बढ़ाने और सेवाओं, नवाचार, सरकारी खरीद, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा लैंगिक समानता के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। इसके तहत कारोबारियों के बीच अधिक संवाद और क्षेत्रीय साझेदारी को मजबूत करने पर भी जोर दिया जाएगा।

जेईटीसीओ की 17वीं बैठक 2027 में ब्रिटेन में होगी।

भाषा योगेश अजय

अजय