मुंबई, 12 अक्टूबर (भाषा) मुंबई हवाई अड्डे का संचालन करने वाली कंपनी एमआईएएल ने एयरलाइन कंपनियों को सूचित किया है कि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के संचालन को युक्तिसंगत बनाने की प्रस्तावित योजना कुछ सप्ताह के लिए टाल दी गई है। इसमें कुछ उड़ानों को आंशिक रूप से नवी मुंबई हवाई अड्डे पर स्थानांतरित करना भी शामिल है। सूत्रों ने यह जानकारी दी।
मुंबई और नवी मुंबई हवाई अड्डे अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड (एएएचएल) के अंतर्गत आते हैं। कंपनी ने एयरलाइन कंपनियों से कहा है कि वे 25 अक्टूबर तक अपनी 33 प्रतिशत अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को नवी मुंबई हवाई अड्डे पर स्थानांतरित करें या उनका संचालन बंद कर दें।
एयरलाइन कंपनियों के इस प्रस्ताव का विरोध करने के बाद नागर विमानन मंत्रालय ने छह अक्टूबर को संबंधित पक्षों की बैठक बुलाई थी। बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा हुई और मंत्रालय ने योजना के क्रियान्वयन को टालने का सुझाव दिया था।
सूत्रों ने बताया कि इसी पृष्ठभूमि में मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (एमआईएएल) ने विमानन कंपनियों को सूचित किया है कि उसने उड़ानों के संचालन को युक्तिसंगत बनाने की योजना कुछ सप्ताह के लिए टालने का फैसला किया है। कंपनी ने इसके पीछे उद्योग जगत की ओर से हवाई अड्डे के पुनर्विकास कार्यक्रम में सहयोग के लिए समाधान निकालने की दिशा में काम करने के आश्वासन का हवाला दिया है।
मुंबई हवाई अड्डे के टर्मिनल-एक (टी-एक) का पुनर्विकास शुरू करने जा रही एएएचएल ने इस मामले पर कोई टिप्पणी नहीं की है। कंपनी ने उड़ानों के संचालन को आंशिक रूप से दूसरे हवाई अड्डों पर स्थानांतरित करने का प्रस्ताव दिया है।
सूत्रों के अनुसार, 13 अक्टूबर को एयरलाइन कंपनियां और एएएचएल उड़ानों के स्थानांतरण की योजना पर चर्चा करेंगी।
देश के सबसे व्यस्त हवाई अड्डों में शामिल मुंबई हवाई अड्डे पर दो टर्मिनल हैं। टर्मिनल-एक से घरेलू उड़ानों का संचालन होता है, जबकि अंतरराष्ट्रीय उड़ानें टर्मिनल-दो से संचालित होती हैं। टर्मिनल-दो पर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के प्रस्थान के लिए इस्तेमाल होने वाले स्लॉट खाली होने से घरेलू उड़ानों को टर्मिनल-एक से वहां स्थानांतरित करने में मदद मिलेगी।
इस बीच, हवाई अड्डे पर परिचालन करने वाली एयरलाइन कंपनियों का प्रतिनिधित्व करने वाली हवाई अड्डा परिचालन समिति (एओसी) ने एमआईएएल से कई जानकारियां और स्पष्टीकरण मांगे हैं। इनमें टर्मिनल-एक के पुनर्विकास की विस्तृत योजना तथा टर्मिनल-एक और टर्मिनल-दो की क्षमता का आकलन शामिल है।
सूत्रों ने बताया कि एओसी ने अन्य मुद्दों के साथ-साथ टर्मिनल-एक की संरचनात्मक सुरक्षा से संबंधित स्वतंत्र परामर्शदाताओं की रिपोर्टों की समीक्षा करने की भी मांग की है।
एएएचएल ने तीन अक्टूबर को कहा था कि छह दशक पुराने टर्मिनल-एक के पुनर्विकास के लिए उसके उत्तरी हिस्से को ध्वस्त करने और इसके बाद कुछ परिचालन को टर्मिनल-दो तथा नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर स्थानांतरित करने से मुंबई हवाई अड्डे के 91 प्रतिशत यात्री यातायात पर असर नहीं पड़ेगा।
कंपनी ने एक बयान में कहा था कि टर्मिनल-एक का पुनर्विकास जनवरी, 2027 में शुरू होगा। इससे हवाई अड्डे की सालाना यात्री क्षमता मौजूदा डेढ़ करोड़ से बढ़कर दो करोड़ हो जाएगी, यानी इसमें 33 प्रतिशत की वृद्धि होगी।
भाषा राजेश राजेश अजय
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