नयी दिल्ली, 12 अक्टूबर (भाषा) वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को लंदन के वित्तीय सेवा केंद्र और गुजरात की ‘गिफ्ट सिटी’ के बीच फिनटेक, बीमा, सीमापार भुगतान तथा व्यापार वित्त जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने का आह्वान किया।
उन्होंने यह भी कहा कि ब्रिटेन के पास पेट्रोलियम क्षेत्र के सहायक उत्पादों, इलेक्ट्रॉनिक्स तथा इलेक्ट्रिकल उपकरणों के प्रमुख प्रौद्योगिकी उत्पादों और कई जीवनरक्षक दवाओं की आपूर्ति करने की अपार क्षमता है।
भारत-ब्रिटेन संयुक्त आर्थिक एवं व्यापार समिति (जेटको) के समापन समारोह में गोयल ने कहा, ''मैं ब्रिटेन से कई अन्य उत्पादों के साथ-साथ मोटर कार और स्कॉच व्हिस्की की आवक भी देख रहा हूं। स्पष्ट रूप से ये दो ऐसी अर्थव्यवस्थाएं हैं जहां मौजूदा व्यापार को बढ़ाने के व्यापक अवसर मौजूद हैं।''
इस बैठक की सह-अध्यक्षता गोयल और ब्रिटेन के व्यापार, नवाचार, विज्ञान एवं उद्योग मंत्री जोनाथन रेनॉल्ड्स ने की।
साझेदारी बढ़ाने के लिए पांच क्षेत्रों का सुझाव देते हुए गोयल ने कहा कि वित्तीय सेवाओं में ''लंदन शहर और गुजरात के गांधीनगर स्थित गिफ्ट सिटी को व्यापक सहयोग की संभावनाएं तलाशनी चाहिए। हम फिनटेक, बीमा, सीमापार भुगतान, बदलाव वित्त (ट्रांजिशन फाइनेंस) और व्यापार वित्त में सहयोग के बड़े गलियारे बना सकते हैं।''
उन्होंने कहा कि बुनियादी ढांचा और स्वच्छ ऊर्जा दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने का एक अन्य प्रमुख क्षेत्र है।
गोयल ने कहा, ''परियोजना विकास, नवीकरणीय ऊर्जा, पारेषण लाइन और सार्वजनिक उपयोगिताओं का वित्तपोषण वास्तव में दोनों देशों में सतत वृद्धि को गति दे सकते हैं।'' उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष उन्नत विनिर्माण और मजबूत आपूर्ति शृंखलाओं के निर्माण में भी मिलकर काम कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि भारत और ब्रिटेन की कंपनियां इलेक्ट्रिक वाहन, बैटरी, इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, क्वांटम कंप्यूटिंग, कृत्रिम मेधा (एआई) और प्रिसिजन इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों में अवसरों का लाभ उठा सकते हैं। इन क्षेत्रों में मजबूत साझेदारी प्रतिस्पर्धी विनिर्माण परिवेश बनाने और आपूर्ति शृंखलाओं को अधिक मजबूत बनाने में मदद कर सकती है।
भाषा पाण्डेय अजय
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