काहिरा, 12 अक्टूबर (एपी) सऊदी अरब ने ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों की ओर से दागी गईं मिसाइलों और ड्रोन को रोकने में अपनी वायु रक्षा प्रणाली की नाकामी की जांच शुरू कर दी है। क्षेत्र के दो अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि इन हमलों में रियाद हवाई अड्डे पर हुआ हमला भी शामिल है, जिसमें कम से कम 13 लोगों की मौत हुई है और 300 से अधिक लोग घायल हुए हैं।
अधिकारियों ने नाम सार्वजनिक नहीं करने की शर्त पर बताया कि जांच के दौरान पता चला है कि यमन के हूती विद्रोहियों ने पहले कई ड्रोन दागे, ताकि उनके बाद क्रूज और बैलिस्टिक मिसाइलों को रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक पहुंचने का मौका मिल सके।
हूतियों के पास बैलिस्टिक मिसाइलें और आधुनिक प्रणालियां हैं। इनमें ऐसे हथियार भी शामिल हैं, जिनके वारहेड उड़ान के दौरान अपनी दिशा बदल सकते हैं, इसकी वजह से सऊदी अरब द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली पैट्रियट मिसाइल रोधी प्रणाली और अन्य रक्षा प्रणालियों के लिए उन्हें रोकना मुश्किल हो जाता है।
एक अधिकारी ने बताया कि जांच का उद्देश्य यह पता लगाना भी है कि वायु रक्षा प्रणालियों ने हमले की पूर्व चेतावनी क्यों नहीं दी।
हूती विद्रोहियों की मिसाइलें और ड्रोन 1,000 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय करके रियाद पहुंचे थे।
एपी जोहेब नरेश
नरेश