नागपुर, 12 अक्टूबर (भाषा) महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को कहा कि राहुल गांधी भारत में ‘‘अति-वामपंथी’’ सोच को स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं और संविधान द्वारा निर्मित संस्थाओं को कमजोर करने की गहरी साजिश की जा रही है।
यहां एक कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से बातचीत में फडणवीस ने उच्चतम न्यायालय तक मार्च करने के लिए कांग्रेस नेता की आलोचना भी की।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया, ‘‘हम कांग्रेस और ‘इंडिया’ गठबंधन के उसके सहयोगियों द्वारा संवैधानिक संस्थाओं पर किए जा रहे हमलों की निंदा करते हैं। कांग्रेस को आत्म-मंथन करने की जरूरत है। उसने संविधान का नाम लेकर देश में अराजकता फैलाने की नयी नीति अपनाई है जबकि असल में वह संविधान को ही बेअसर करने की साजिश रच रही है।’’
मुख्यमंत्री ने कहा कि झूठ और अफवाहें फैलाकर कांग्रेस और उसके नेताओं खासकर राहुल गांधी ने डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर द्वारा बनाई गई हर लोकतांत्रिक संस्था की विश्वसनीयता को कम करने की कोशिश की है।
फडणवीस ने कहा, ‘‘चाहे निर्वाचन आयोग हो, उच्चतम न्यायालय हो, कैग (नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक) हो या आरबीआई (भारतीय रिजर्व बैंक), वे संविधान द्वारा निर्मित हर संस्था को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं क्योंकि उन्हें न तो संविधान में भरोसा है और न ही लोकतंत्र में। यह संविधान को नकारने और लोगों के मन में यह धारणा बनाने की साजिश है कि संवैधानिक संस्थाएं न्याय नहीं दिला सकतीं।’’
उन्होंने कहा कि ऐसी भावनाएं फैलाकर ये राजनीतिक दल लोगों को इन संस्थाओं और यहां तक कि संविधान को भी नकारने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता ने कहा, ‘‘राहुल गांधी देश में अति-वामपंथी सोच को स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं और इसके पीछे एक गहरी साजिश जारी है।’’
उच्चतम न्यायालय तक कांग्रेस और ‘इंडिया’ गठबंधन के ‘लोकतंत्र के लिए मार्च’ पर सवाल उठाते हुए फडणवीस ने पूछा कि प्रधान न्यायाधीश को बाहर आकर मार्च में शामिल लोगों से क्यों मिलना चाहिए?
फडणवीस ने कहा, ‘‘अगर कोई न्यायाधीश या मुख्य न्यायाधीश किसी लंबित मामले पर चर्चा करने के लिए अदालत से बाहर आता है तो यह संविधान का उल्लंघन होगा। इससे एक ऐसी व्यवस्था बनेगी जिसे हमारा संविधान मान्यता नहीं देता है।’’
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले पर उच्चतम न्यायालय का रुख बिल्कुल सही था। उन्होंने कहा कि अगर कोई न्यायपालिका के दायरे से बाहर जाकर समाधान चाहता है तो ‘शक्तियों के बंटवारे’ के सिद्धांत के तहत राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री या संसद को याचिकाएं देनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राहुल गांधी और उनके समर्थक देश के लोकतंत्र को बर्बाद करने की कोशिश कर रहे हैं।
फडणवीस ने राहुल गांधी की दादी और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा 1975 में लगाए गए आपातकाल का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उस दौरान संविधान में संशोधन करके मौलिक अधिकारों से जुड़े मामलों को अदालतों में ले जाने पर रोक लगा दी गई थी।
फडणवीस ने कहा, ‘‘लोग मौलिक अधिकारों के लिए उच्च न्यायालय या उच्चतम न्यायालय नहीं जा सकते थे। उस समय पूरे विपक्ष ने संघर्ष किया और डॉ. आंबेडकर के संविधान को बहाल किया। इसलिए आप (कांग्रेस) संविधान के खिलाफ चाहे कितने भी मोर्चे क्यों न खोल लें, हम डॉ. आंबेडकर के संविधान को कोई नुकसान नहीं होने देंगे।’’
फडणवीस ने चेतावनी देते हुए कहा, ‘‘देश असंवैधानिक गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं करेगा। हम संविधान और लोकतंत्र को बचाने के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे। यह राहुल गांधी के लिए चेतावनी है।’’
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस को अपनी लगातार चुनावी हार के कारणों का पता लगाने के लिए अपने नेतृत्व की समीक्षा करनी चाहिए।
राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, ‘‘यह ऐसा नेतृत्व है जिसे जनता नकार चुकी है। इसे बार-बार नए रूप में पेश किया जाता है लेकिन यह बार-बार विफल होता है। लगातार हार के कारण कांग्रेस की मानसिकता अराजकता वाली हो गई है।’’
हालिया प्रदर्शनों के पीछे कथित तौर पर विदेशी ताकतों की भूमिका होने की संभावना के बारे में पूछे जाने पर फडणवीस ने कहा कि विदेशी डिजिटल मंच प्रभावी रूप से एक ‘एल्गोरिदम’ के जरिए काम कर रहे थे।
उन्होंने दावा किया कि जब इन मंचों को संसदीय समिति के सामने पेश होने के लिए बुलाया गया तो उन्होंने माना कि सोशल मीडिया पर पोस्ट किए जा रहे विभिन्न संदेशों को पैसे देकर अधिक लोगों तक पहुंचाया गया था।
फडणवीस के मुताबिक, इन मंचों ने संसदीय समिति के सामने यह भी स्वीकार किया कि इस धन का स्रोत अज्ञात था।
उन्होंने दावा किया कि यह पैसा विदेश से भी आया हो सकता है।
भाषा सुरभि नरेश
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