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राहुल गांधी 'आजादी की दूसरी लड़ाई' का नेतृत्व कर रहे हैं : रेवंत रेड्डी

नयी दिल्ली, 12 अक्टूबर (भाषा) तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने सोमवार को मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के खिलाफ लड़ाई को कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में ‘आजादी की दूसरी लड़ाई’ करार दिया। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर करीब 13 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाकर “समाज को बांटने” का आरोप लगाया।

उच्चतम न्यायालय तक विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' के मार्च में शामिल होने से पहले रेड्डी ने संवाददाताओं से बातचीत में आरोप लगाया कि एसआईआर ने भारतीय लोकतंत्र को खतरे में डाल दिया है।

उन्होंने दावा किया कि 2014 में नरेन्द्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद से बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, फिर भी कोई संवैधानिक संस्था इसके खिलाफ आवाज नहीं उठा रही है।

रेड्डी ने कहा, ‘‘भगत सिंह के नेतृत्व में 'साइमन वापस जाओ' अभियान ने देश को आजादी दिलाई थी। आज राहुल गांधी के नेतृत्व में 'ज्ञानेश वापस जाओ' का नारा देश को भाजपा से आजाद कराएगा। यह आजादी की दूसरी लड़ाई है। हमें लोकतंत्र को अभी बचाना होगा, वरना हम कभी नहीं बचा पाएंगे।’’

कांग्रेस नेता ने कहा कि भारत की आबादी लगभग 140 करोड़ है और आमतौर पर इसमें 70 से 75 प्रतिशत लोग मतदाता होते हैं, ऐसे में देश में मतदाताओं की कुल संख्या 100 करोड़ से अधिक होनी चाहिए थी।

उन्होंने कहा, ‘‘आज मतदाताओं की कुल संख्या 83-84 करोड़ है, जिसमें हटाए गए 13 करोड़ मतदाता शामिल नहीं हैं। आप इसे कैसे सही ठहराएंगे? जनगणना केंद्र सरकार ने कराई थी। आबादी बढ़ने के साथ मतदाताओं की संख्या भी बढ़नी चाहिए। यह सीधा-सा गणित है। इसका जवाब कौन देगा?’’

रेड्डी ने कहा, ‘‘संसद, राष्ट्रपति और प्रधान न्यायाधीश मोदी के खिलाफ बोलने की कोई कोशिश नहीं कर रहे हैं। इसीलिए राहुल गांधी यह सुनिश्चित करने के लिए लड़ रहे हैं कि गरीबों का मतदान का अधिकार न छीना जाए। अगर हम अपना मतदान का अधिकार खो देते हैं, तो हम सब कुछ खो देंगे।’’

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने समाज को दो वर्गों में बांट दिया है - ‘‘एक वर्ग अमीरों और भाजपा समर्थकों का है, जिन्हें वोट देने का अधिकार है और दूसरा वर्ग गरीबों, आदिवासियों और पिछड़े लोगों का है, जो पार्टी के खिलाफ मतदान करते हैं।’’

रेड्डा ने इसकी तुलना छुआछूत की प्रतिबंधित प्रथा से करते हुए कहा, ‘‘इस तरह का बंटवारा देश के लिए खतरनाक है।’’

उन्होंने नतीजों को लेकर आगाह करते हुए कहा, ‘‘एक बार जब आप अपना वोट देने का अधिकार खो देंगे, तो कोई आपकी बात नहीं सुनेगा। कोई भी पार्टी आपके भले के बारे में नहीं सोचेगी। अगर आप अपना मतदाता पहचान पत्र खो देते हैं, तो आप अपना राशन कार्ड भी खो देंगे और फिर सरकारी योजनाओं का फायदा भी नहीं उठा पाएंगे।’’

रेड्डी ने आरोप लगाया कि भाजपा ‘‘स्थायी विभाजन’’ पैदा करने के लिए अंग्रेजों की तरह बांटने वाली रणनीति अपना रही है। उन्होंने दावा किया कि पार्टी का मकसद 20 करोड़ मतदाताओं को हटाना और उन्हें ‘दूसरे दर्जे का नागरिक’ बनाना है।

रेड्डी ने कहा कि कांग्रेस ने देश को आजादी दिलाई और उसके कई नेताओं ने इसके लिए अपनी जान दे दी।

उन्होंने कहा, ‘‘यह कोई छोटी-मोटी बात नहीं है। यह देश की सुरक्षा और अस्तित्व का सवाल है। दिल्ली से दिया जाने वाला संदेश हर गांव तक पहुंचना चाहिए। यह गरीबों की समस्या है और कांग्रेस गरीबों के लिए लड़ेगी।’’

भाषा पारुल नरेश

नरेश