नयी दिल्ली, 12 अक्टूबर (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं दिए जाने के फैसले को चुनौती देने वाली भारतीय युवा कांग्रेस की याचिका पर सोमवार को केंद्र को जवाब देने के लिए 24 घंटे का समय दिया। संगठन ने शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के संवैधानिक अधिकार की रक्षा के अपने संकल्प को दोहराया।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थल की सूची से हटा दिया है।
युवा कांग्रेस के एक बयान के अनुसार, उच्च न्यायालय में इस मामले पर सुनवाई में दिल्ली पुलिस की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) चेतन शर्मा ने निर्देश प्राप्त करने और आगे की संभावित कार्रवाई के बारे में अदालत को सूचित करने के लिए 24 घंटे का समय मांगा, जिसके बाद सुनवाई टाल दी गई।
युवा कांग्रेस ने अपनी याचिका में प्रस्तावित प्रदर्शन की अनुमति देने से दिल्ली पुलिस के इनकार को चुनौती देते हुए दलील दी कि शांतिपूर्ण तरीके से एकत्र होने के अधिकार पर मनमाने ढंग से प्रतिबंध नहीं लगाया जा सकता।
याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एवं कांग्रेस सांसद विवेक तन्खा के साथ वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ लूथरा, तनवीर अहमद मीर और संजय घोष अदालत में पेश हुए।
युवा कांग्रेस के अध्यक्ष उदय भानु चिब ने कहा कि संगठन नागरिकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए कानूनी रास्ते अपनाता रहेगा और यह सुनिश्चित करेगा कि प्रशासनिक कार्रवाई के जरिए शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन को असंभव न बनाया जाए।
भाषा आशीष प्रशांत
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