बेंगलुरु, 12 अक्टूबर (भाषा) कर्नाटक के ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज मंत्री ईश्वर खांड्रे ने ‘विकसित भारत-रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण)’ (वीबी-जी राम जी) योजना के तहत श्रमिकों को मजदूरी के भुगतान में देरी और लापरवाही बरतने के आरोप में सोमवार को 308 पंचायत विकास अधिकारियों (पीडीओ), 74 तालुका कार्यकारी अधिकारियों और 12 उप सचिवों को कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्देश दिया।
खांड्रे ने विभाग के सचिव और 12 जिला पंचायतों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (सीईओ) को लिखित निर्देश जारी कर 12 जिलों की 311 ग्राम पंचायतों में मजदूरी भुगतान में देरी पर नाराजगी जताई।
उन्होंने कहा कि योजना के तहत श्रमिकों को 15 दिनों के भीतर मजदूरी का भुगतान करने के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद इसमें देरी हो रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि समयसीमा का पालन नहीं होने पर संबंधित पंचायत विकास अधिकारियों (पीडीओ) को जिम्मेदार ठहराया जाएगा।
ग्राम पंचायतों को निधि जारी होने के बावजूद अकुशल श्रमिकों को मजदूरी का भुगतान नहीं किए जाने के मामले को गंभीरता से लेते हुए मंत्री ने कहा कि अधिकारियों की इस लापरवाही के कारण लोग योजना के तहत काम करने से हतोत्साहित हो रहे हैं।
मंत्री की ओर से जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार, जिन 12 जिलों की 311 ग्राम पंचायतों में मजदूरी भुगतान में देरी की सूचना मिली है, उनमें बागलकोट की 23, बेलगावी (52), चामराजनगर (13), चिक्कमगलुरु (14), दक्षिण कन्नड़ (15), हसन (47), कोडागु (25), मांड्या (13), मैसूरु (53), शिवमोग्गा (14), उडुपी (23) और विजयपुरा (16) ग्राम पंचायतें शामिल हैं।
खांड्रे ने अधिकारियों को संबंधित पीडीओ, भुगतान प्रक्रिया की निगरानी के लिए जिम्मेदार तालुक कार्यकारी अधिकारियों और 12 जिला पंचायतों के उप सचिवों को कारण बताओ नोटिस जारी कर उनसे स्पष्टीकरण मांगने का निर्देश दिया।
भाषा प्रचेता प्रशांत
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