कोलकाता, 12 अक्टूबर (भाषा) मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सोमवार को यहां रैली निकाली और धरना दिया।
कांग्रेस के सैकड़ों पुरुष और महिला कार्यकर्ताओं ने मध्य कोलकाता के कारोबारी इलाके में ललित ग्रेट ईस्टर्न होटल से लोक भवन तक एक किलोमीटर लंबा मार्च निकाला। इस दौरान उन्होंने ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग करते हुए नारे लगाए और इस साल की शुरुआत में राज्य में हुए विधानसभा चुनावों से पहले कराए गए मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान उनपर ‘‘वोट चोरी’’ करने का आरोप लगाया।
राज्यपाल के आवास के द्वार के सामने बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था और अवरोधक लगाए गए थे। प्रदर्शनकारियों ने रैली का समापन वहीं किया।
इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस समिति (डब्ल्यूबीपीसीसी) के मुख्यालय विधान भवन के सामने भी धरना दिया।
प्रदर्शन के कारण व्यस्त सीआईटी रोड पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई।
पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस समिति के अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने कहा कि जब तक ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते, तब तक विरोध प्रदर्शन तेज किए जाएंगे।
‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की एक रिपोर्ट में दावा किए जाने के बाद से विपक्ष मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग कर रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, निर्वाचन आयुक्त -सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी- ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार आधिकारिक तौर पर आपत्ति जताई, जिनमें से ज्यादातर मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण से जुड़े फैसलों और आदेशों से संबंधित थीं।
दो निर्वाचन आयुक्तों की ओर से उठाई गई आपत्तियों को लेकर आलोचनाओं का सामना कर रहे निर्वाचन आयोग ने कहा था कि किसी भी संस्थान में विचार-विमर्श के दौरान अलग-अलग राय और टिप्पणियां सामने आना सामान्य बात है।
आयोग ने यह भी कहा था कि उसके सभी आदेशों को पूरा कानूनी समर्थन प्राप्त है और वे स्थापित वैधानिक प्रक्रियाओं का पालन करते हैं।
भाषा तान्या सुरेश
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