इंफाल, 12 अक्टूबर (भाषा) मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने सोमवार को राज्य में आपस में लड़ रहे समुदायों से शांति और सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए बातचीत शुरू करने की अपील की।
सिंह ने इंफाल में सरकारी जवाहरलाल नेहरू आयुर्विज्ञान संस्थान (जेएनआईएमएस) के शवगृह का दौरा करने के बाद यह अपील की। रविवार रात को संदिग्ध उग्रवादियों द्वारा मारे गए दो नगा पुरुषों के शव यहीं लाए गए थे। उन्होंने मृतकों के परिजनों से भी बातचीत की।
पिछले हफ्ते राज्य में हिंसा का एक नया दौर देखने को मिला, जिसमें शुक्रवार और शनिवार को कामजोंग, उखरुल और कांगपोकपी जिलों में गोलीबारी की अलग-अलग घटनाओं में कम से कम नौ लोगों की मौत हो गई।
जेएनआईएमएस लाए गए दो नगा पुरुषों में से एक का सिर धड़ से अलग कर दिया गया था और उसका सिर गायब था; एक नगा नागरिक संस्था ने अंतिम संस्कार के लिए सिर वापस करने की मांग करते हुए चेतावनी दी है।
पत्रकारों से बात करते हुए सिंह ने कहा, “सभी समुदायों से मेरी अपील है कि वे हिंसा न करें और निहत्थे नागरिकों पर बल का प्रयोग न करें। हम सभी मणिपुर के निवासी और भारत के नागरिक हैं।”
उन्होंने कहा, “इंसान की जिंदगी पैसे से नहीं खरीदी जा सकती... लोगों की जान बचाना जरूरी है। मैं सभी समुदायों से बातचीत शुरू करने की अपील करता हूं।”
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता ने बेहतर सुरक्षा और खुफिया जानकारी जुटाने के तंत्र स्थापित करने की भी मांग की।
उन्होंने कहा, “अगर सही सुरक्षा और खुफिया जानकारी हो, तो ऐसी हत्याएं, अपहरण और घर जलाने की घटनाएं नहीं होंगी।”
इस साल फरवरी से कुकी और नगा जनजातियों के बीच हुई हिंसा में 50 से ज्यादा लोग मारे गए हैं और दर्जनों घर जला दिए गए हैं।
भाषा प्रशांत नरेश
नरेश