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दिल्ली: भाकपा सांसद ने पत्रकारों को हिरासत में लेकर ‘परेशान’ करने के मामले में शाह को लिखा पत्र

नयी दिल्ली, 12 अक्टूबर (भाषा) भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के राज्यसभा सदस्य पी. संतोष कुमार ने दिल्ली में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन की रिपोर्टिंग कर रहे पत्रकारों से कथित तौर पर दुर्व्यवहार और उन्हें हिरासत में लिए जाने का आरोप लगाते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर पुलिस की कार्रवाई रोकने के लिए तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।

कुमार ने शाह को लिखे पत्र में मुख्यधारा के समाचार संगठनों के साथ-साथ सोशल मीडिया मंचों से जुड़े पत्रकारों के मामलों का जिक्र किया।

उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन की रिपोर्टिंग करते समय पत्रकारों को एक जगह सीमित कर दिया गया, उन्हें रिपोर्टिंग करने से रोका गया या हिरासत में ले लिया गया।

कुमार ने पत्र में कहा, ‘‘पुलिस हिरासत वाली बस के अंदर से कई पत्रकारों के अपने पहचान पत्र दिखाने का वीडियो राष्ट्रीय राजधानी में प्रेस की स्वतंत्रता की स्थिति को दर्शाता है।’’

उन्होंने पत्रकारों को प्रदर्शनों की रिपोर्टिंग के लिए प्रेस सूचना ब्यूरो (पीआईबी) से मान्यता प्राप्त होना अनिवार्य बताने पर पुलिस के रुख पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह शर्त अनुचित है और मीडिया के बदलते स्वरूप को ध्यान में नहीं रखती।

उन्होंने कहा कि स्वतंत्र पत्रकार, डिजिटल समाचार मंच और सोशल मीडिया आधारित समाचार चैनल भी पीआईबी से मान्यता प्राप्त हुए बिना पत्रकारिता करते हैं।

सांसद ने कहा कि सार्वजनिक स्थानों से रिपोर्टिंग के लिए पीआईबी की मान्यता को अनिवार्य शर्त नहीं माना जा सकता।

माकपा सांसद ने इस मुद्दे पर उच्चतम न्यायालय के हस्तक्षेप और संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त के कार्यालय की ओर से जताई गई चिंताओं का भी उल्लेख किया।

उन्होंने कहा कि ये घटनाक्रम प्रतिबंधों को तत्काल समाप्त करने की जरूरत को रेखांकित करते हैं।

भाषा जितेंद्र सुरेश

सुरेश