नयी दिल्ली, 12 अक्टूबर (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को दिल्ली पुलिस आयुक्त को निर्देश दिया कि वह वकीलों के एक समूह द्वारा दर्ज कराई गई मारपीट की शिकायत की जांच सुनिश्चित करें।
शिकायत के मुताबिक, इन वकीलों के साथ कथित तौर पर तब मारपीट की गई थी, जब वे भारतीय विधिज्ञ परिषद (बीसीआई) के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध-प्रदर्शन कर रहे थे।
भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची तथा न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने कहा कि शिकायत की जांच के लिए एक वरिष्ठ पुलिस अफसर की अगुवाई में एक विशेष जांच दल बनाया जाए।
पीठ ने कहा कि जांच पूरी होने के बाद पुलिस संबंधित मजिस्ट्रेट के सामने रिपोर्ट पेश करेगी।
उच्चतम न्यायालय ने दिल्ली उच्च न्यायालय के 21 सितंबर के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया।
उच्च न्यायालय ने वकीलों के एक समूह की उस याचिका को खारिज कर दिया था जिसमें कथित हमले की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) या किसी अन्य स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने की मांग की गई थी। अदालत ने कहा कि यह याचिका सुनवाई के लायक नहीं है।
याचिकाकर्ताओं ने उच्च न्यायालय से 20-21 अगस्त की दरमियानी रात को बीसीआई परिसर के अंदर और बाहर उनपर और अन्य वकीलों पर हुए कथित हमले की जांच का अनुरोध किया था।
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प्रशांत नरेश
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