Breaking News

अमित शाह मानहानि मामले में सुल्तानपुर कोर्ट ने राहुल गांधी को बरी किया     |   खड़गे के विवादित बयान पर भड़के बीजेपी कार्यकर्ता, पटना में बड़ा प्रोटेस्ट     |   राहुल गांधी के काफिले की गाड़ियां आपस में टकराईं, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर हादसा     |   UP: बस्ती में बाइक पर पलटा तेज रफ्तार से आ रहा ट्रक, तीन की मौत     |   आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा की ओर बढ़ रहा चक्रवाती तूफान, ऑरेंज अलर्ट जारी     |  

रेलवे सुरक्षा को मजबूत करने के लिए आरपीएफ 125 करोड़ रुपये के उपकरण खरीद रही है: महानिदेशक

रायपुर, 12 अक्टूबर (भाषा) रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की महानिदेशक सोनाली मिश्रा ने सोमवार को कहा कि यह बल यात्रियों पर केंद्रित, सेवा-उन्मुख और तकनीक आधारित सुरक्षा संगठन के रूप में विकसित हो रहा है।

उन्होंने कहा कि रेलवे नेटवर्क में अपराधों की रोकथाम और उनका पता लगाने की क्षमता मजबूत करने के लिए लगभग 125 करोड़ रुपये के उपकरण खरीदे जा रहे हैं।

रायपुर में रेलवे वर्कशॉप मैदान में आरपीएफ की 42वीं स्थापना दिवस परेड को संबोधित करते हुए महानिदेशक मिश्रा ने कहा कि रेलवे परिसरों, यात्री क्षेत्रों और संपत्ति की सुरक्षा में सीसीटीवी निगरानी एक महत्वपूर्ण बदलाव लाने वाली साबित हुई है। इसके इस्तेमाल से पत्थरबाजी, यात्रियों का सामान चोरी होने, अनधिकृत प्रवेश और अन्य अप्रिय घटनाओं का पता लगाने में मदद मिली है।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2025 में वलसाड स्थित प्रशिक्षण केंद्र में आयोजित स्थापना दिवस कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय रेल मंत्री ने सुरक्षा व्यवस्था में तकनीक के इस्तेमाल पर जोर दिया था। पिछले एक साल में बल की सुरक्षा प्रणाली में नई तकनीक शामिल करने के लिए कई कदम उठाए गए हैं।

मिश्रा ने बताया कि उपकरणों की खरीद में 16.50 करोड़ रुपये की लागत से क्रिमिनल प्रोसीजर आइडेंटिफिकेशन (सीआरपीआई) प्रणाली और नेशनल ऑटोमेटेड फिंगरप्रिंट आइडेंटिफिकेशन सिस्टम (एनएएफआईएस) के लिए हार्डवेयर शामिल हैं। इसके अलावा, 47.50 करोड़ रुपये की लागत से वॉकी-टॉकी सेट और अन्य सहायक उपकरणों सहित आधुनिक संचार उपकरण खरीदे जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि आरपीएफ के प्रशिक्षण केंद्रों में 28 करोड़ रुपये की लागत से कई सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। इनमें चेहरे की पहचान करने वाली प्रणाली (एफआरएस), वीडियो एनालिटिक्स आधारित सीसीटीवी निगरानी प्रयोगशाला और प्रवेश नियंत्रण प्रयोगशाला शामिल हैं। इसके साथ ही लखनऊ स्थित जगजीवन राम आरपीएफ अकादमी में ड्रोन प्रशिक्षण और निगरानी के लिए एक उन्नत प्रयोगशाला भी बनाई जा रही है।

मिश्रा ने कहा कि बल 33 करोड़ रुपये की लागत से 22 हजार बॉडी-वॉर्न कैमरे भी खरीद रहा है। रेलवे सुरक्षा में ड्रोन का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है और पिछले एक साल में बल के पास मौजूद ड्रोन की संख्या में लगभग 120 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

उन्होंने बताया कि दो हजार से अधिक आरपीएफ कर्मियों को ड्रोन चलाने का प्रशिक्षण दिया जा चुका है और यह कार्यक्रम अभी जारी है।

उन्होंने कहा कि रेलवे में ठेके पर काम करने वाले कर्मचारियों की पहचान और पृष्ठभूमि की जांच मजबूत करने के लिए आरपीएफ ने राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के सहयोग से शुरुआती जांच के लिए वेब आधारित 'नेशनल क्राइम रिकॉर्ड चेक' एप्लिकेशन लागू किया है। इसके तहत रेलवे के लगभग एक लाख 67 हजार ठेका कर्मचारियों का डेटा अपलोड कर उनकी शुरुआती जांच की गई। गंभीर अपराधों में शामिल पाए गए लोगों को काम से हटा दिया गया।

मिश्रा ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का संदेश भी पढ़कर सुनाया। उन्होंने कहा कि वैष्णव को कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होना था, लेकिन कुछ अपरिहार्य कारणों से वह इसमें शामिल नहीं हो सके।

भाषा

संजीव रवि कांत