(कमल किशोर शंकर)
पेरिस, 12 अक्टूबर (भाषा) फ्रांसीसी वाहन विनिर्माता रेनो ग्रुप के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) फ्रांस्वा प्रोवो ने सोमवार को कहा कि भारत यूरोप के बाहर कंपनी की शीर्ष प्राथमिकता है और वह यहां मजबूत हाइब्रिड एवं इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने पर जोर दे रही है।
प्रोवो ने पेरिस मोटर शो के दौरान संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि भारत में कंपनी के लिए अपार संभावनाएं हैं। रेनो पिछले 15 साल से भारतीय बाजार में मौजूद है और यहां अपना कारोबार बढ़ाने के लिए निवेश जारी रखना चाहती है।
भारत में संभावित निवेश के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि यूरोप के बाहर भारत कंपनी की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसी वजह से रेनो यहां बड़े पैमाने पर निवेश कर रही है। हालांकि, उन्होंने भारत में निवेश की राशि का खुलासा नहीं किया।
रेनो ने चेन्नई स्थित विनिर्माण संयंत्र का पूर्ण स्वामित्व भी हासिल कर लिया है। यह संयंत्र पहले निसान के साथ साझेदारी में था।
प्रोवो ने कहा कि भारत में कंपनी की रणनीति इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) को बढ़ावा देने की है लेकिन इसकी शुरुआत मजबूत हाइब्रिड वाहनों से होगी।
उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य कंपनी की पेशकश को धीरे-धीरे मजबूत हाइब्रिड और फिर पूरी तरह इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर ले जाना है।
उन्होंने कहा कि रेनो मजबूत हाइब्रिड प्रौद्योगिकी में अपनी विशेषज्ञता का इस्तेमाल भारतीय ग्राहकों को यह प्रौद्योगिकी उपलब्ध कराने के लिए करेगी। भारत में ही वाहनों का उत्पादन और प्रौद्योगिकी का स्थानीयकरण करने से लागत कम रखने और वाहनों को ग्राहकों के लिए किफायती बनाने में मदद मिलेगी।
प्रोवो ने कहा कि यूरोपीय बाजार में रेनो की शीर्ष तीन प्राथमिकताएं आकर्षक डिजाइन, विद्युतीकरण और किफायती कीमत हैं। कंपनी इन प्राथमिकताओं को चरणबद्ध तरीके से भारतीय बाजार में भी आगे बढ़ाना चाहती है।
उन्होंने कहा कि रेनो का लक्ष्य पहले मजबूत हाइब्रिड वाहनों को भारतीय ग्राहकों के लिए बेहतर विकल्प के रूप में स्थापित करना और फिर धीरे-धीरे पूरी तरह इलेक्ट्रिक वाहनों की पेशकश बढ़ाना है।
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