नयी दिल्ली, 12 अक्टूबर (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद अनुराग ठाकुर ने सोमवार को हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर राष्ट्रीय राजधानी स्थित हिमाचल भवन को कांग्रेस का ‘‘राजनीतिक अड्डा’’ बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि हिमाचल भवन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के विरोध-प्रदर्शन से अधिकारियों और आम लोगों को परेशानी हुई।
इससे पहले, हिमाचल प्रदेश कांग्रेस महिला संगठन ने हिमाचल भवन में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन किया था।
ठाकुर ने संवाददाताओं से बातचीत के दौरान आरोप लगाया कि मंडी हाउस इलाके में हिमाचल भवन के बाहर विरोध-प्रदर्शन के लिए 200 से 250 कांग्रेस कार्यकर्ता जमा हो गए थे, जिससे लोगों और अधिकारियों के लिए वहां आना-जाना मुश्किल हो गया था।
उन्होंने कांग्रेस पर दिल्ली में राजनीतिक गतिविधियों के लिए सरकारी तंत्र का बार-बार इस्तेमाल करने का आरोप लगाया।
ठाकुर ने दावा किया कि एआई इंपैक्ट शिखर सम्मेलन के दौरान बिना शर्ट के विरोध-प्रदर्शन करने वाले पार्टी कार्यकर्ताओं को पहले हिमाचल भवन और फिर हिमाचल प्रदेश में आश्रय दिया गया था।
उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस नेता संवैधानिक संस्थाओं के खिलाफ गैर-जिम्मेदाराना बयान देते रहे हैं। अब उन्होंने हिमाचल भवन को भी राजनीति का अड्डा बना दिया है।’’
ठाकुर ने कहा, ‘‘यह कोई पहली घटना नहीं है। एआई शिखर सम्मेलन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने दुनिया के सामने बिना शर्ट के शर्मनाक तरीके से विरोध-प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इन कार्यकर्ताओं को पहले हिमाचल भवन और फिर हिमाचल प्रदेश में पनाह दी।’’
उन्होंने कहा, ‘‘आज मंडी हाउस स्थित हिमाचल भवन में कांग्रेस कार्यकर्ता बेशर्मी से जमा हो गए। करीब 200-250 लोगों की वजह से आम लोगों का अंदर जाना मुश्किल हो गया। हिमाचल के अधिकारियों, नेताओं और अन्य लोगों को भी परिसर में आने-जाने में परेशानी हो रही।’’
ठाकुर ने सुक्खू सरकार पर हिमाचल प्रदेश को और ज्यादा कर्ज में धकेलने का आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य पर रिकॉर्ड कर्ज का बोझ डाला जा रहा है, जबकि राष्ट्रीय राजधानी में मौजूद हिमाचल के प्रतिष्ठानों का इस्तेमाल राजनीतिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा है।
उन्होंने कहा, ‘‘हिमाचल भवन को राजनीति के अड्डे में बदलना यह दिखाता है कि वे हिमाचल प्रदेश को कर्ज में धकेल रहे हैं और दिल्ली में हिमाचल भवन का इस्तेमाल राजनीति के अड्डे के तौर पर कर रहे हैं। उन्होंने राज्य पर भारी कर्ज का बोझ डाल दिया है और यहां विरोध-प्रदर्शन करने के लिए हर हद पार कर रहे हैं।’’
भाषा पारुल मनीषा
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