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श्रीलंका की अदालत ने पूर्व प्रथम महिला शिरंती राजपक्षे की अग्रिम जमानत की अर्जी खारिज की

कोलंबो, 12 अक्टूबर (भाषा) श्रीलंका की एक अदालत ने सोमवार को पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे की पत्नी और देश की पूर्व प्रथम महिला शिरंती राजपक्षे की गिरफ्तारी से बचने के लिए दायर अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी।

‘न्यूजफर्स्ट लंका’ की खबर के अनुसार, 73 वर्षीय शिरंती की याचिका पर सुनवाई के बाद मलिगाकांडा मजिस्ट्रेट अदालत ने यह आदेश दिया।

उन्होंने ‘सिरिलिया सविया’ खाते से जुड़े मामले की जांच के सिलसिले में वित्तीय अपराध जांच प्रभाग (एफसीआईडी) द्वारा गिरफ्तारी से संरक्षण की मांग करते हुए अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी।

खबर के मुताबिक, अदालत ने छह अक्टूबर को इस याचिका पर सुनवाई की थी और एफसीआईडी के प्रभारी अधिकारी को 12 अक्टूबर को पेश होकर जांच से संबंधित तथ्य प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था।

शिरंती श्रीलंका के इतिहास में भ्रष्टाचार की जांच के सिलसिले में हिरासत में ली जाने वाली पहली पूर्व प्रथम महिला हैं।

जांचकर्ताओं के अनुसार, ‘सिरिलिया सविया’ ने कोलंबो के लेडी रिजवे चिल्ड्रेन हॉस्पिटल को सीटी स्कैनर उपलब्ध कराने के लिए एक करोड़ श्रीलंकाई रुपये (करीब 30,251 अमेरिकी डॉलर) जुटाए थे, लेकिन अस्पताल को मशीन नहीं दी गई और कथित तौर पर धन का गबन कर लिया गया।

भ्रष्टाचार निरोधक आयोग (सीआईएबीओसी) के अधिकारियों द्वारा उनका बयान दर्ज किए जाने के बाद उन्हें किरुलापोन स्थित उनके आवास से गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद उन्होंने गिरफ्तारी से पहले जमानत देने की मांग की, जिसे मजिस्ट्रेट ने खारिज कर दिया।

उन पर सार्वजनिक धन के कथित गबन और सार्वजनिक संपत्ति कानून के तहत अपराधों में शामिल होने का आरोप है।

शिरंती को सिंगापुर से श्रीलंका लौटने के दो दिन बाद गिरफ्तार किया गया था। वह सिंगापुर में चिकित्सा उपचार के लिए गई थीं।

उनकी गिरफ्तारी श्रीलंका के शक्तिशाली राजपक्षे परिवार के सदस्यों से जुड़े भ्रष्टाचार के मामलों की जांच में एक और महत्वपूर्ण घटनाक्रम है। इस परिवार का वर्षों तक देश की राजनीति में दबदबा रहा है।

महिंदा राजपक्षे 2005 से 2015 तक श्रीलंका के राष्ट्रपति रहे। उनके छोटे भाई गोटबाया राजपक्षे को 2022 में देश के आर्थिक संकट के बीच व्यापक विरोध प्रदर्शनों के बाद राष्ट्रपति पद से इस्तीफा देना पड़ा था।

महिंदा राजपक्षे के बड़े बेटे और विपक्षी सांसद नमल राजपक्षे को भी भ्रष्टाचार के मामलों में जांच का सामना करना पड़ा है। वह अलग-अलग मामलों के सिलसिले में फिलहाल हिरासत में हैं।

भाषा

मनीषा नरेश

नरेश