Breaking News

अमित शाह मानहानि मामले में सुल्तानपुर कोर्ट ने राहुल गांधी को बरी किया     |   खड़गे के विवादित बयान पर भड़के बीजेपी कार्यकर्ता, पटना में बड़ा प्रोटेस्ट     |   राहुल गांधी के काफिले की गाड़ियां आपस में टकराईं, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर हादसा     |   UP: बस्ती में बाइक पर पलटा तेज रफ्तार से आ रहा ट्रक, तीन की मौत     |   आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा की ओर बढ़ रहा चक्रवाती तूफान, ऑरेंज अलर्ट जारी     |  

उच्चतम न्यायालय के लिए रवाना हुए ‘इंडिया’ गठबंधन के नेता

नयी दिल्ली, 12 अक्टूबर (भाषा) विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के नेता सोमवार को बाराखंबा रोड से उच्चतम न्यायालय के लिए रवाना हुए, जहां वे मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ याचिका दायर करेंगे।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा और ‘इंडिया’ गठबंधन के विभिन्न घटक दलों के नेता मार्च में शामिल हैं।

विपक्षी नेता इससे पहले कॉन्स्टिट्यूशन क्लब से बसों में सवार होकर बाराखंबा रोड पहुंचे थे। यहां एकत्र होने के बाद उन्होंने उच्चतम न्यायालय की ओर मार्च शुरू किया।

कांग्रेस ने इस विरोध प्रदर्शन को ‘‘चलो दिल्ली—लोकतंत्र के लिए मार्च’’ नाम दिया है। विपक्षी दल कथित ‘‘वोट चोरी’’, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और मुख्य निर्वाचन आयुक्त की भूमिका को लेकर पिछले कुछ दिनों से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

राहुल गांधी ने मार्च से पहले संवाददाताओं से कहा था कि वह और ‘इंडिया’ गठबंधन के अन्य नेता उच्चतम न्यायालय जाएंगे और ज्ञानेश कुमार के खिलाफ याचिका दायर करेंगे।

उन्होंने कहा था, ‘‘आज हम और इंडिया गठबंधन के नेता उच्चतम न्यायालय जाएंगे और याचिका दायर करेंगे। जो प्रतिरोध चल रहा है, वह एक दिन की बात नहीं है। हम लगातार यह कर रहे हैं।’’

गांधी ने केंद्र सरकार पर लोगों को दिल्ली पहुंचने से रोकने का आरोप लगाते हुए दावा किया कि राष्ट्रीय राजधानी को ‘‘पूरी तरह से किले में तब्दील’’ कर दिया गया है और बड़ी संख्या में पुलिस तथा सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है।

विपक्ष की मांग है कि कथित ‘‘वोट चोरी’’ पर रोक लगाई जाए, मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें और मतदाता सूची के एसआईआर की प्रक्रिया रोकी जाए।

इससे पहले खरगे और गांधी ने प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत से मुलाकात का समय मांगा था ताकि उनके समक्ष कथित ‘‘वोट चोरी’’ का मुद्दा उठाया जा सके और एक ज्ञापन सौंपा जा सके।

प्रधान न्यायाधीश ने मुलाकात से इनकार करते हुए कहा था कि इससे जुड़े मुद्दे पहले से उच्चतम न्यायालय के समक्ष विचाराधीन हैं।

इसके बाद विपक्षी दलों ने उच्चतम न्यायालय का रुख कर याचिका दायर करने और अपना प्रस्तावित मार्च जारी रखने का फैसला किया।

विपक्षी दल पिछले मंगलवार से चुनावों में कथित ‘‘धांधली’’ और ‘‘वोट चोरी’’ को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं तथा मुख्य निर्वाचन आयुक्त को पद से हटाने की मांग कर रहे हैं।

भाषा हक नरेश

नरेश