मुंबई, 12 अक्टूबर (भाषा) कच्चे तेल के दाम में तेजी तथा विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली दबाव से घरेलू शेयर बाजार सोमवार को नुकसान में रहे। मानक सूचकांक बीएसई सेंसेक्स 548 अंक टूटा जबकि एनएसई निफ्टी में 157 अंक की गिरावट आई।
विश्लेषकों के अनुसार, अमेरिका में बॉण्ड प्रतिफल में वृद्धि से भी निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई।
तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 547.65 अंक यानी 0.76 प्रतिशत की गिरावट के साथ 71,924.68 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 796.23 अंक तक टूट गया था।
पचास शेयरों पर आधारित एनएसई निफ्टी भी 157.10 अंक यानी 0.70 प्रतिशत के नुकसान के साथ 22,363.35 अंक पर बंद हुआ।
सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में आईटीसी, टेक महिंद्रा, हिंदुस्तान यूनिलीवर, लार्सन एंड टुब्रो, भारतीय स्टेट बैंक और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज के शेयरों में प्रमुख रूप से गिरावट रही।
वहीं, लाभ में रहने वाले शेयरों में भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, महिंद्रा एंड महिंद्रा, कोटक महिंद्रा बैंक और एचसीएल टेक शामिल हैं।
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड का वायदा भाव 1.14 प्रतिशत चढ़कर 105.8 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने शुक्रवार को 3,568.90 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लि. के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘भारतीय बाजार शुरुआती बढ़त बरकरार रखने में विफल रहे। 10 साल के सरकारी बॉण्ड पर प्रतिफल तीन साल के उच्चतम स्तर पर पहुंचने और वैश्विक अनिश्चितताओं के कारण विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार बिकवाली से बाजार धारणा प्रभावित हुई।’’
एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी और चीन का शंघाई एसएसई कम्पोजिट गिरावट के साथ बंद हुए। हांगकांग का हैंगसेंग मामूली बढ़त में रहा।
यूरोप के प्रमुख बाजारों में दोपहर के कारोबार में तेजी रही। अमेरिकी बाजार शुक्रवार को बढ़त के साथ बंद हुए थे।
सेंसेक्स शुक्रवार को 879.09 अंक यानी 1.23 प्रतिशत उछलकर 72,472.33 अंक पर बंद हुआ था। निफ्टी भी 288.65 अंक यानी 1.30 प्रतिशत चढ़कर 22,520.45 अंक पर बंद हुआ था।
भाषा रमण अजय
अजय