नयी दिल्ली, 12 अक्टूबर (भाषा) इक्विटी म्यूचुअल फंड योजनाओं में सितंबर में 38,306 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश आया जो पिछले महीने के 29,329 करोड़ रुपये की तुलना में 31 प्रतिशत अधिक है। शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ने और विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) की लगातार बिकवाली के बावजूद निवेशकों ने मझोली एवं छोटी कंपनियों के शेयरों पर केंद्रित योजनाओं में पैसा लगाना जारी रखा।
एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एम्फी) की ओर से सोमवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, व्यवस्थित निवेश योजना (एसआईपी) के जरिये हर महीने किया जाने वाला निवेश सितंबर में अबतक के सबसे ऊंचे स्तर 32,490 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जबकि अगस्त में यह 32,297 करोड़ रुपये था।
आंकड़ों के अनुसार, इक्विटी आधारित योजनाओं में सितंबर में 38,306 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश आया। यह अप्रैल के बाद सबसे अधिक निवेश है। अप्रैल में इन योजनाओं में 38,440 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश आया था।
इन्क्रेड मनी में म्यूचुअल फंड के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) नितिन अग्रवाल ने कहा कि शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ने के बावजूद, हर गिरावट को निवेश के अवसर के रूप में देखा गया जिससे निवेश प्रवाह बढ़ा।
मॉर्निंगस्टार इन्वेस्टमेंट रिसर्च इंडिया में प्रमुख, प्रबंधक शोध हिमांशु श्रीवास्तव ने कहा, ‘‘शेयर बाजार में महीने के दौरान गिरावट आने और विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) की फिर से बिकवाली शुरू होने के बावजूद निवेश का मजबूत प्रवाह उत्साहजनक है।’’
इक्विटी श्रेणियों में स्मॉल-कैप फंड में सबसे अधिक 9,039 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश आया, जबकि अगस्त में यह 7,973 करोड़ रुपये था। इसके बाद मिड-कैप फंड में 7,835 करोड़ रुपये का निवेश आया जो पिछले महीने 6,989 करोड़ रुपये रहा था। इन दोनों श्रेणियों की कुल हिस्सेदारी महीने के दौरान इक्विटी में आए शुद्ध निवेश में करीब 44 प्रतिशत रही।
इसके अलावा, फ्लेक्सी-कैप फंड में 6,702 करोड़ रुपये का निवेश आया। वहीं, लार्ज-कैप फंड में तीन महीने में पहली बार 859 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश आया। इससे निवेशकों को अच्छी गुणवत्ता वाली बड़ी कंपनियों के शेयरों में उचित कीमत पर निवेश का अवसर मिला।
इसके अलावा, गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) में सितंबर में निवेश बढ़कर 4,451 करोड़ रुपये हो गया जबकि पिछले महीने यह 2,597 करोड़ रुपये था। सिल्वर ईटीएफ में 1,974 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश आया।
इसके विपरीत, सितंबर में डेट म्यूचुअल फंड योजनाओं से शुद्ध रूप से 1.83 लाख करोड़ रुपये निकाले गए। यह अगस्त में दर्ज 8,127 करोड़ रुपये की निकासी से काफी अधिक है।
इसके परिणामस्वरूप, म्यूचुअल फंड उद्योग से सितंबर में कुल मिलाकर 1.33 लाख करोड़ रुपये की शुद्ध निकासी हुई। इसके विपरीत, अगस्त में उद्योग में 41,353 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश आया था।
उद्योग की कुल प्रबंधन अधीन परिसंपत्तियां (एयूएम) अगस्त के अंत में 87.07 लाख करोड़ रुपये थीं, जो सितंबर के अंत में घटकर 82.64 लाख करोड़ रुपये रह गईं।
भाषा निहारिका अजय
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