चेन्नई, 12 अक्टूबर (भाषा) तमिलनाडु विधानसभा में विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ने सोमवार को चेन्नई में नौकरी नियमित करने की मांग को लेकर बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मियों के प्रस्तावित विरोध-प्रदर्शन से पहले उन्हें कथित तौर पर उनके घरों में ‘‘नजरबंद’’ किए जाने को लेकर राज्य सरकार की कड़ी निंदा की।
उदयनिधि ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में सरकार पर चिकित्सा कर्मियों से किए गए चुनाव-पूर्व वादों से ‘‘मुकरने’’ का आरोप लगाया।
उन्होंने कर्मचारियों को एक अभूतपूर्व विरोध-प्रदर्शन से पहले उनके घरों में ‘‘नजरबंद’’ किए जाने के फैसले पर सवाल उठाए और इसे ‘‘अत्याचार’’ करार दिया।
उदयनिधि ने इस कार्रवाई की तुलना चुनावों में कथित अनियमितताओं को लेकर दिल्ली में विरोध-प्रदर्शन कर रहे युवाओं को हिरासत में लिए जाने के कदम से की।
उन्होंने सवाल किया कि क्या ‘‘बदलाव’’ से सरकार का आशय लोकतांत्रिक तरीके से विरोध कर रहे समूहों - जैसे किसानों, छात्रों और नर्सों - को बातचीत के लिए बुलाए बिना ही उन पर अत्याचार करना है।
उदयनिधि ने बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मियों को ‘‘चिकित्सा सेवाओं की रीढ़’’ बताते हुए उनकी तुरंत रिहाई की मांग की।
उन्होंने ‘‘डमी मुख्यमंत्री’’ से आग्रह किया कि वह इन कर्मचारियों के साथ बातचीत शुरू करें और उनकी जायज मांगों को पूरा करने के लिए जरूरी कदम उठाएं।
भाषा पारुल मनीषा
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