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होर्मुज जलडमरूमध्य में 22 भारतीयों के साथ दो वाणिज्यिक जहाजों पर हमला, भारत ने की कड़ी निंदा

नयी दिल्ली, 12 अक्टूबर (भाषा) होर्मुज जलडमरूमध्य में चालक दल के 22 भारतीय सदस्यों को लेकर जा रहे दो वाणिज्यिक जहाजों पर हमला किया गया जिसकी भारत ने कड़ी निंदा की है।

विदेश मंत्रालय (एमईए) ने बताया कि खबरों के अनुसार, पहला जहाज ‘एमटी पेट्रो डॉल्फिन’ रविवार को ड्रोन हमले का शिकार हुआ। इस जहाज पर सवार 11 भारतीय नाविकों में से दो के लापता होने की खबर है।

विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, “हम 11 अक्टूबर को होर्मुज जलडमरूमध्य क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों पर हुए हमलों की निंदा करते हैं। एमटी पेट्रो डॉल्फिन पर कथित तौर पर ड्रोन से हमला किया गया, जिसमें सवार 11 भारतीय नाविकों में से दो के लापता होने की सूचना है।”

मंत्रालय ने बताया कि मार्शल द्वीपसमूह के ध्वज वाला टैंकर ‘एमटी वाल्थेरा’ भी किसी अज्ञात वस्तु के हमले की चपेट में आया, जिससे जहाज में आग लग गई। हालांकि, इस जहाज पर सवार सभी 11 भारतीय नाविक सुरक्षित बताए गए हैं।

विदेश मंत्रालय ने कहा कि मस्कट स्थित भारतीय दूतावास स्थिति पर करीबी नजर रख रहा है। दूतावास लापता भारतीयों की तलाश और बचाव अभियान के लिए ओमान के अधिकारियों तथा संबंधित जहाज प्रबंधन कंपनियों के साथ समन्वय कर रहा है। साथ ही, भारतीय चालक दल को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

मंत्रालय ने कहा, “भारतीय नाविकों की सुरक्षा भारत सरकार की प्राथमिकता बनी हुई है। इस क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों पर बार-बार हो रहे हमले बेहद चिंताजनक हैं और पहले से ही अस्थिर स्थिति को और गंभीर बना सकते हैं।”

भारत ने जारी संघर्ष को समाप्त करने के लिए तत्काल तनाव कम करने तथा बातचीत और कूटनीति के जरिये समाधान निकालने की जरूरत दोहराई।

विदेश मंत्रालय ने कहा, “वाणिज्यिक जहाजों, नाविकों और नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमले बंद होने चाहिए। अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में नौवहन की स्वतंत्रता तथा समुद्री व्यापार की सुरक्षित और निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित की जानी चाहिए।”

भाषा मनीषा नरेश

नरेश