जयपुर, 12 अक्टूबर (भाषा) राजस्थान के भरतपुर जिले में पत्थर तोड़ने वाला संयंत्र (स्टोन क्रशर) दुबारा शुरू करने को लेकर विवाद के बाद कुछ ग्रामीणों ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना पर कथित तौर पर हमला कर दिया जिसमें उनकी मौत हो गई।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस घटना को लेकर राज्य की भाजपा सरकार पर निशाना साधा और भड़ाना की हत्या को राजस्थान में कानून-व्यवस्था के पूरी तरह चरमरा जाने का सबूत करार दिया है।
पुलिस ने सोमवार को बताया कि यह घटना रविवार रात भौंडा गांव में हुई जब भड़ाना अपने 'स्टोन क्रशर' वाली जगह पर गए थे।
पुलिस के अनुसार इस क्रशर को लेकर भड़ाना और स्थानीय ग्रामीणों के बीच कुछ समय से विवाद था।
पुलिस वृत्ताधिकारी (भुसावर) नीरज भारद्वाज ने बताया कि टकराव के दौरान भड़ाना और उनके सहयोगी गगन शर्मा पर कथित तौर पर लाठियों और पत्थरों से हमला किया गया।
उन्होंने बताया कि दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें शुरू में वैर के एक अस्पताल ले जाया गया। बाद में भड़ाना को जयपुर के एसएमएस अस्पताल रेफर कर दिया गया, जबकि शर्मा को भरतपुर रेफर किया गया।
उन्होंने बताया कि एसएमएस अस्पताल में इलाज के दौरान भड़ाना की मौत हो गई।
पुलिस ने बताया कि ग्रामीणों ने भड़ाना पर चरागाह भूमि पर कब्ज़ा करने और अवैध खनन गतिविधियां संचालित करने का आरोप लगाया था। क्रशर लगभग एक साल से बंद था और इसे फिर से शुरू करने की कोशिशों के कारण और मतभेद पैदा हो गए थे।
ग्रामीणों का आरोप है कि वे क्रशर को दुबारा शुरू करने के प्रस्ताव के खिलाफ पिछले 10 से 15 दिन से शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे।
उन्होंने दावा किया कि रविवार शाम भड़ाना लगभग 40 से 50 लोगों के साथ साइट पर पहुंचे और ग्रामीणों को प्रदर्शन स्थल से हटाने की कोशिश की जिसके बाद टकराव शुरू हो गया।
दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर मारपीट का आरोप लगाया है।
कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए गांव में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
जयपुर के एसएमएस अस्पताल में मेडिकल बोर्ड ने भड़ाना का पोस्टमार्टम किया और शव परिजनों को सौंप दिया गया।
वहीं, भरतपुर के जिला पुलिस अधीक्षक राजेश मीणा ने संवाददाताओं को बताया कि भड़ाना के परिजनों की ओर से प्राथमिकी दर्ज करवाई गई है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने कुछ संदिग्धों से पूछताछ की है और आरोपियों को पकड़ने के लिए विशेष टीमें बनाई गई हैं।
उन्होंने कहा कि मामले की जांच चल रही है। उन्होंने घटनास्थल पर गोलीबारी की घटना से प्रथम दृष्टया इनकार किया। एक अन्य पुलिस अधिकारी के अनुसार भड़ाना के परिजनों की ओर से 35 से 40 लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज करवाया गया है।
इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत ने इस घटना को राजस्थान में कानून-व्यवस्था के पूरी तरह चरमरा जाने का सबूत करार दिया है।
उन्होंने 'एक्स' पर लिखा, ‘‘मुख्यमंत्री के गृह जिले भरतपुर में भाजपा के पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना की हत्या हो गई। यह राजस्थान में कानून-व्यवस्था के पूरी तरह चरमरा जाने का सबूत है। जब एक पूर्व विधायक को दिनदहाड़े 70-80 लोग घेरकर मार दें, तो आम आदमी का तो राम ही रखवाला है इस राज में।’’
गहलोत ने कहा, ‘‘खबरों के अनुसार यह विवाद करीब दो साल से चल रहा था। दो साल तक पुलिस और प्रशासन क्या करता रहा? जब चेतावनी साफ थी, तब कार्रवाई क्यों नहीं हुई? यह हत्या पुलिस-प्रशासन की नाकामी का नतीजा है। जिस सरकार में अपने ही पूर्व विधायक सुरक्षित नहीं, वह जनता को सुरक्षा का भरोसा कैसे दे सकती है?’’
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भी कहा कि पूर्व विधायक भड़ाना की लाठी-पत्थरों से पीटकर हत्या की घटना अत्यंत दुःखद और प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
उन्होंने कहा, ‘‘राजस्थान में जब पूर्व विधायक और जनप्रतिनिधि ही सुरक्षित नहीं हैं, आम आदमी की सुरक्षा की गारंटी कौन देगा? खनन विवाद में दिनदहाड़े हिंसा, डेढ़ घंटे तक पथराव और पूर्व विधायक की हत्या बताती है कि प्रदेश में कानून का इकबाल खत्म हो चुका है।’’
डोटासरा ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि केवल बयानबाजी से कानून-व्यवस्था नहीं सुधरेगी। उन्होंने इस मामले में दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की।
राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भी इसे लेकर राज्य सरकार पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री जी, आखिर कब तक जनता अपराध, भय और असुरक्षा का दंश झेलती रहेगी? आखिर कब तक सरकार कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी से मुंह मोड़ती रहेगी? मुख्यमंत्री जी, जवाब दीजिए कि आखिर राजस्थान में कानून का राज है या दबंगों और माफियाओं का?’’
उन्होंने लिखा कि यह घटना साफ बताती है कि सरकार और पुलिस प्रशासन ने अपराधियों के सामने घुटने टेक दिए हैं।
जूली ने इस घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को तत्काल गिरफ्तार करने की मांग की है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सचिन पायलट ने कहा कि पूर्व विधायक भड़ाना की लाठी-पत्थरों से हमला कर हत्या किए जाने की खबर बेहद चिंताजनक है और यह घटना प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
उन्होंने कहा, ‘‘इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई कराई जाए।’’
भाषा पृथ्वी वैभव
वैभव