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विपक्ष न्यायिक संस्थानों की छवि खराब करने में जुटा: फडणवीस

मुंबई, 12 अक्टूबर (भाषा) महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को विपक्ष पर न्यायिक संस्थानों की छवि खराब करने और उन पर जनता का भरोसा कम करने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने दिल्ली में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे विपक्षी दलों के नेताओं से मुलाकात नहीं करने के भारत के प्रधान न्यायाधीश के रुख का समर्थन किया।

विपक्षी दलों ने वोट चोरी रोकने और मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) के इस्तीफे की मांग को लेकर सोमवार को उच्चतम न्यायालय तक मार्च निकालने की घोषणा की है।

सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस नेता राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे ने भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत से मुलाकात का समय मांगा था। हालांकि, सीजेआई ने वोट चोरी के आरोपों पर उनसे मिलने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि इसी तरह के मामले उच्चतम न्यायालय में विचाराधीन हैं।

नागपुर में पत्रकारों से बात करते हुए फडणवीस ने विपक्षी नेताओं के उच्चतम न्यायालय तक मार्च निकालने के फैसले की आलोचना की। उन्होंने इसे असंवैधानिक बताया और आरोप लगाया कि सीजेआई सूर्यकांत द्वारा मुलाकात का समय देने से इनकार किए जाने के बाद विपक्षी नेताओं ने उनके खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया।

फडणवीस ने कहा, ‘‘वे भारत की संस्थाओं, खासकर न्यायिक संस्थानों की छवि खराब करना चाहते हैं और लोगों का उन पर भरोसा कम करने की साजिश रच रहे हैं।’’

उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय का यह कहना सही है कि शिकायत होने पर संबंधित पक्षों को अदालत का रुख करना चाहिए और वहीं अपना मामला लड़ना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘अगर आपको कोई शिकायत है, तो अदालत जाइए और वहीं अपनी लड़ाई लड़िए। मैं बार-बार कहता रहा हूं कि उन्हें संविधान पर भरोसा नहीं है। वे असंवैधानिक हैं और उन्होंने मार्च निकालकर यह साबित कर दिया है।’’

फडणवीस ने सवाल किया, ‘‘मुझे हैरानी है कि विपक्ष का कोई नेता कैसे कह सकता है कि वे उच्चतम न्यायालय तक मार्च निकालेंगे और प्रधान न्यायाधीश को उनसे मिलना चाहिए। आप संविधान की बात करते हैं, लेकिन किस संविधान में लिखा है कि प्रधान न्यायाधीश को प्रदर्शन कर रहे लोगों से मिलना चाहिए?’’

उन्होंने कहा कि सीजेआई ने यह कहकर अपने संवैधानिक दायित्वों का निर्वहन कानून के अनुसार किया कि वह मार्च निकाल रहे लोगों से मुलाकात नहीं कर सकते।

फडणवीस ने सवाल किया, ‘‘विपक्ष यह उम्मीद कैसे कर सकता है कि सीजेआई प्रदर्शन कर रहे राजनीतिक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात करेंगे?’’

उन्होंने आरोप लगाया कि मुलाकात से इनकार किए जाने के बाद विपक्षी नेताओं ने प्रधान न्यायाधीश के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया।

भाषा मनीषा

मनीषा