कोलंबो, 12 अक्टूबर (भाषा) श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे को सोमवार को तत्काल चिकित्सा देखभाल के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया और उन्हें गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में चिकित्सकों की निगरानी में रखा गया है।
राजपक्षे की पार्टी श्रीलंका पोदुजाना पेरामुना (एसएलपीपी) ने बताया कि 80 वर्षीय नेता को सुबह अस्पताल में भर्ती कराया गया।
पार्टी ने कहा कि वह आईसीयू में हैं, जहां चिकित्सक उनकी स्थिति पर नजर रख रहे हैं।
राजपक्षे को ऐसे समय में अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जब उनके परिवार के सदस्यों से जुड़े मामलों में कानूनी कार्यवाही चल रही है। उनकी पत्नी शिरंती और बड़े बेटे नमल के खिलाफ कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर अलग-अलग जांच चल रही है।
सांसद और विपक्षी एसएलपीपी के वरिष्ठ नेता नमल राजपक्षे को कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच के सिलसिले में सितंबर में हिरासत में भेज दिया गया था।
एक अलग मामले में सार्वजनिक धन के कथित दुरुपयोग को लेकर उनकी मां को भी पिछले सप्ताह हिरासत में भेजा गया था।
महिंदा राजपक्षे ने 2005 से 2015 तक श्रीलंका के राष्ट्रपति के रूप में कार्य किया। इसके बाद वह प्रधानमंत्री भी रहे।
वह अब भी देश की राजनीति में एक प्रमुख चेहरा हैं। वर्ष 2009 में जब सरकारी बलों ने लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (लिट्टे) को हराया और श्रीलंका में लगभग तीन दशक से चल रहे गृहयुद्ध का अंत हुआ, तब महिंदा राजपक्षे देश के राष्ट्रपति थे।
वर्ष 2022 में श्रीलंका में आए आर्थिक संकट के दौरान राजपक्षे परिवार की राजनीतिक स्थिति को बड़ा झटका लगा। उस समय आवश्यक वस्तुओं की कमी, आसमान छूती कीमतों और आर्थिक कुप्रबंधन के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए थे। इन प्रदर्शनों के कारण महिंदा राजपक्षे के छोटे भाई और तत्कालीन राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे को पद छोड़कर देश से जाना पड़ा था।
नेशनल पीपुल्स पावर (एनपीपी) गठबंधन का नेतृत्व करने वाले राष्ट्रपति अनुरा कुमार दिसानायके वर्ष 2024 में भ्रष्टाचार विरोधी एजेंडे के साथ सत्ता में आए थे। उन्होंने पिछली सरकारों के कार्यकाल के दौरान प्रमुख लोगों से जुड़े भ्रष्टाचार और सार्वजनिक धन के दुरुपयोग के आरोपों की जांच आगे बढ़ाने का वादा किया है।
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गोला मनीषा
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