तिरुवनंतपुरम, 12 अक्टूबर (भाषा) केरल विश्वविद्यालय के छात्रावास में पिछले महीने युवा कांग्रेस और स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) के कार्यकर्ताओं के बीच हुई झड़प को लेकर केरलम विधानसभा में सोमवार को सत्तारूढ़ यूडीएफ और विपक्षी एलडीएफ के बीच आरोप-प्रत्यारोप हुए। दोनों पक्षों ने घटना के लिए एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहराया।
एलडीएफ विधायक वी जॉय और के राजन ने इस मुद्दे पर चर्चा के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित करने का नोटिस दिया था, लेकिन विधानसभा अध्यक्ष तिरुवनचूर राधाकृष्णन ने इसकी अनुमति नहीं दी।
गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने बताया कि युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने 30 सितंबर को मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर रात में मार्च निकाला था। उनके अनुसार, जब कार्यकर्ता छात्रावास के पास पहुंचे, तो एसएफआई कार्यकर्ताओं ने उनके खिलाफ नारेबाजी की और पत्थर तथा बीयर की बोतलें फेंकीं। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच झड़प हुई और पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।
चेन्निथला ने कहा कि घटना के संबंध में एसएफआई और युवा कांग्रेस के करीब 75-75 कार्यकर्ताओं के खिलाफ कई मामले दर्ज किए गए हैं और चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि झड़प में पुलिसकर्मी घायल हुए और लाठियों सहित पुलिस की संपत्ति को नुकसान पहुंचा।
मंत्री ने जॉय और पूर्व विधायक कडकमपल्ली सुरेंद्रन पर पुलिस अधिकारियों को जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि एक पुलिस अधिकारी की एसएफआई कार्यकर्ताओं के खिलाफ धमकी भरी फेसबुक पोस्ट की शिकायत की जांच की जा रही है।
नेता प्रतिपक्ष पिनराई विजयन ने आरोप लगाया कि पुलिस ने एसएफआई कार्यकर्ताओं पर बर्बर हमला किया। उन्होंने मंत्रियों के वाहनों को रोकने वाले युवा मोर्चा कार्यकर्ताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं किए जाने पर भी सवाल उठाया और इसे संघ परिवार के प्रति नरम रुख का संकेत बताया।
विजयन ने कहा कि नोटिस पर चर्चा की अनुमति नहीं दिए जाने के विरोध में एलडीएफ विधायक सदन से बहिर्गमन कर रहे हैं।
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