जिनेवा, 12 अक्टूबर (एपी) पूर्वी अफ्रीकी देश जिबूती के तट के पास 300 से अधिक प्रवासियों को ले जा रही एक नाव पलटने से बच्चों समेत कम से कम 139 लोगों की मौत हो गई। अंतरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन (आईओएम) ने रविवार को यह जानकारी दी।
आईओएम के जिबूती मिशन के प्रमुख अलेक्जेंडर कोइसाक ने ‘एसोसिएटेड प्रेस’ को फोन पर बताया कि मृतकों की यह संख्या केवल उन लोगों की है, जिन्हें जिबूती के अधिकारियों ने दफनाया है। कुछ अन्य शवों को प्रवासियों ने स्वयं दफनाया है, लेकिन अधिकारियों द्वारा उनकी पुष्टि किए जाने तक उन्हें आधिकारिक आंकड़े में शामिल नहीं किया जाएगा।
कोइसाक ने कहा, “सबसे दुखद बात यह है कि उन्हें बिना नाम के सामूहिक कब्र में दफनाया गया, मानो युद्ध की स्थिति हो। उन सभी की मां और पिता हैं और हो सकता है कि हमें कभी पता ही न चले कि उनके साथ क्या हुआ।”
उन्होंने बताया कि प्रवासी आठ अक्टूबर की शाम नाव पर सवार हुए थे और तट के पास ही नाव जल्द ही डूब गई। इसका मुख्य कारण नाव में क्षमता से अधिक लोगों का सवार होना था।
कोइसाक ने कहा कि स्थानीय अधिकारियों ने अपनी ओर से पूरी कोशिश की, लेकिन एक साथ बड़ी संख्या में शव तट पर आने के कारण उनके लिए स्थिति संभालना मुश्किल हो गया।
उन्होंने बताया कि जीवित बचे प्रवासियों को ओबॉक स्थित आईओएम के बचाव केंद्र ले जाया जा रहा है, जहां उन्हें समुद्र का पानी निगलने के कारण चिकित्सा सहायता और मानसिक स्वास्थ्य संबंधी मदद दी जा रही है।
जहाज दुर्घटना वाले क्षेत्र का शनिवार को दौरा करने वाले कोइसाक ने कहा, “वे सभी सदमे में हैं। मैंने उनमें से कुछ से बात करने की कोशिश की, लेकिन यह बहुत मुश्किल है।”
आईओएम केंद्र में मौजूद कुछ प्रवासियों को पता चल गया है कि हादसे में उनके परिवार के सदस्यों की मौत हो गई। वहीं, कुछ अन्य लोगों को फोन के जरिये अपने घर पर संपर्क कर यह बताने का मौका दिया गया कि वे जीवित हैं।
आईओएम के अनुसार, इस हादसे में कम से कम 84 लोग अब भी लापता हैं। यह अफ्रीका के हॉर्न क्षेत्र से अरब प्रायद्वीप जाने वाले लोकप्रिय लेकिन खतरनाक समुद्री मार्ग पर हुई सबसे घातक दुर्घटनाओं में से एक है। इस रास्ते से बड़ी संख्या में प्रवासी खाड़ी देशों में रोजगार की तलाश में जाते हैं।
आईओएम ने बताया कि नाव जिबूती से यमन जा रही थी और बृहस्पतिवार रात या शुक्रवार सुबह पलट गई। संगठन के अनुसार, 80 से अधिक लोग जीवित बच गए और वे सभी इथियोपिया के नागरिक हैं।
जिनेवा स्थित संयुक्त राष्ट्र की प्रवासन एजेंसी ने बताया कि नाव पर कुल 305 लोग सवार थे। उसने आशंका जताई कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है।
आईओएम की ओर से साझा किए गए एक वीडियो में समुद्र तट पर जूते समेत कई निजी सामान बिखरे दिखाई दिए, जिनके हादसे में मारे गए या लापता हुए प्रवासियों के होने की आशंका है। लापता लोगों को लेकर चिंता बढ़ने के बीच बचाव अभियान जारी था।
आईओएम के अनुसार, अफ्रीका के हॉर्न क्षेत्र से हर साल हजारों प्रवासी जिबूती के रास्ते बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य पार कर खाड़ी देशों की ओर जाते हैं। वे वहां सुरक्षा और बेहतर आर्थिक अवसरों की तलाश करते हैं।
एपी
मनीषा वैभव
वैभव