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कानून के शासन को लेकर भारत ने संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान की आलोचना की

(योषिता सिंह)

संयुक्त राष्ट्र, 11 अक्टूबर (भाषा) भारत ने कानून के शासन को लेकर संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान की टिप्पणियों पर उसकी आलोचना करते हुए कहा कि वह ऐसे समय में इस मुद्दे पर ‘‘उपदेश’’ नहीं दे सकता, जब उस देश में ‘‘सेना ही शासन और सेना ही कानून है।’’

भारत ने संयुक्त राष्ट्र महासभा की छठी समिति में ‘राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कानून का शासन’ विषय पर चर्चा के दौरान पाकिस्तान की टिप्पणियों के बाद शुक्रवार को जवाब देने के अपने अधिकार का इस्तेमाल किया।

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन की काउंसलर आर. मैथिली ने कहा, ‘‘यह विडंबना है कि ऐसे देश से कानून के शासन पर उपदेश सुनने को मिल रहे हैं, जिसका अपना रिकॉर्ड इसका मजाक उड़ाता है।’’

मैथिली ने कहा कि पाकिस्तान संयुक्त राष्ट्र में कानून के शासन की रक्षा करने का दावा करता है, जबकि उस देश में सेना ही प्रभावी रूप से यह तय करती है कि कानून कैसे लागू होगा।

उन्होंने कहा, ‘‘जो देश अपने ‘सैन्य शासकों’ को अपनी ही अदालतों के अधिकार क्षेत्र से बाहर रखता है, वह इस समिति में कानून के शासन पर उपदेश देने की स्थिति में नहीं है।’’

मैथिली ने पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को जेल में रखे जाने को लेकर भी उसकी आलोचना की। उन्होंने कहा कि जिस देश में किसी भी सरकार को अपना निर्वाचित कार्यकाल पूरा नहीं करने दिया गया हो और एक पूर्व प्रधानमंत्री को मनमाने ढंग से जेल में डालकर उच्चतम न्यायालय के निर्देश के बावजूद चिकित्सा से वंचित रखा गया हो, यह ‘‘कानून के शासन का मजाक’’ उड़ाने के समान ही है।

भाषा शफीक अविनाश

अविनाश