जयपुर, 11 अक्टूबर (भाषा) राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने रविवार को ‘दिल्ली चलो’ का आह्वान करते हुए लोगों, विशेषकर युवाओं से सोमवार को उच्चतम न्यायालय तक मार्च में शामिल होने की अपील की।
उन्होंने कहा कि मार्च के दौरान प्रधान न्यायाधीश को ज्ञापन सौंपकर विरोध-प्रदर्शनों को ‘‘दबाने और चुनावी अनियमितताओं’’ का मुद्दा उठाया जाएगा।
गहलोत ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने युवाओं के शांतिपूर्ण प्रदर्शनों को दबाने के लिए दिल्ली को किले में तब्दील कर दिया है, जबकि निर्वाचन आयोग बड़े पैमाने पर ‘वोट चोरी’ के मामले में मूकदर्शक बना हुआ है।
कांग्रेस नेता गहलोत ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘हमारे युवा साथी लोकतंत्र की रक्षा के लिए सड़कों पर संघर्ष कर रहे हैं। केंद्र सरकार ने युवाओं की शांतिपूर्ण आवाज दबाने के लिए जिस तरह दिल्ली को किले में तब्दील कर दिया है और बड़े पैमाने पर वोट चोरी के मुद्दे पर निर्वाचन आयोग मूकदर्शक बना हुआ है, वह देश के सामने एक बड़ा संकट है।’’
गहलोत ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्ष इस ‘‘तानाशाही रवैये’’ के खिलाफ मजबूती से खड़ा है।
उन्होंने कहा कि इस अन्याय के खिलाफ दिल्ली में प्रधान न्यायाधीश को ज्ञापन सौंपने के लिए सोमवार को एक महत्वपूर्ण मार्च निकाला जाएगा।
गहलोत ने लोगों, विशेषकर युवाओं से लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के इस संघर्ष में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की।
भाषा बाकोलिया शफीक
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