पणजी, 11 अक्टूबर (भाषा) मुंबई उच्च न्यायालय ने गोवा पुलिस द्वारा पणजी में एक प्रदर्शन के दौरान कॉजपा (कॉकरोच जनता पार्टी) के छह कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिए जाने के कुछ ही घंटों बाद रविवार रात उन्हें तुरंत रिहा करने का आदेश दिया।
उच्च न्यायालय की गोवा पीठ ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर यहां आजाद मैदान में किए जा रहे प्रदर्शन के दौरान छह कार्यकर्ताओं को कथित रूप से अवैध हिरासत में रखे जाने के संबंध में दायर एक आपातकालीन याचिका पर सुनवाई की।
हिरासत में लिए गए लोगों में होटल कारोबारी जैक सुखिजा, कार्यकर्ता अमरीन शेख, आदित्य पारुलेकर, भूपेश बिन शामिल थे।
न्यायमूर्ति वाल्मीकि मेनेजेस और न्यायमूर्ति अमित जामसांडेकर की खंडपीठ के समक्ष याचिकाकर्ताओं का पक्ष रखने वाली अधिवक्ता नोर्मा अल्वारेस ने बताया कि अधिवक्ता मेलिसा सिमोस द्वारा दायर 'हेबियस कॉर्प्स' (बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका) पर सुनवाई शाम साढ़े सात बजे शुरू हुई और रात 8:45 बजे समाप्त हुई।
याचिका पर सुनवाई के लिए न्यायाधीश और अदालत के कर्मचारी रात में अदालत कक्ष में एकत्रित हुए।
अल्वारेस ने कहा कि ऑनलाइन माध्यम से सुनवाई में शामिल हुए लोक अभियोजक ने उच्च न्यायालय को आश्वासन दिया कि सभी छह व्यक्तियों को तुरंत रिहा कर दिया जाएगा।
खंडपीठ इस मामले में अगली सुनवाई सोमवार को करेगी।
भाषा
सुमित अविनाश
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