कोलंबो, 11 अक्टूबर (भाषा) श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमार दिसानायके ने रविवार को आश्वासन दिया कि उनका देश अपने क्षेत्र या हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल ऐसे किसी भी काम के लिए नहीं होने देगा, जिससे भारत की सुरक्षा को खतरा हो।
दिसानायके ने उत्तर-पश्चिमी प्रांत के निकावेरटिया में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘हम अपने समुद्र और अपनी जमीन का इस्तेमाल पड़ोसी भारत के खिलाफ किसी भी शत्रुतापूर्ण कार्रवाई के लिए कभी नहीं होने देंगे।’’
दिसानायके ने पिछले दो वर्षों के दौरान अपनी सरकार की विदेश नीति की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि श्रीलंका सख्त गुटनिरपेक्ष नीति का पालन करेगा। उन्होंने कहा, ‘‘हम किसी भी सैन्य संघर्ष का हिस्सा नहीं बनेंगे।’’
उन्होंने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष के मामले में श्रीलंका ने दोनों पक्षों के अनुरोधों को अस्वीकार कर दिया है।
दिसानायके ने कहा कि श्रीलंका ने अमेरिका को उसके विमानों को उतरने की अनुमति देने से इनकार कर दिया और ईरान के युद्धपोत भेजने के अनुरोध को भी ठुकरा दिया।
उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन मानवीय सहायता मांगे जाने पर हम पीछे नहीं हटेंगे।’’
मार्च में श्रीलंका ने एक अमेरिकी पनडुब्बी के हमले में क्षतिग्रस्त हुए ईरानी पोत के नाविकों को अस्पताल में उपचार उपलब्ध कराया था।
भाषा अमित शफीक
शफीक