वडोदरा, 11 अक्टूबर (भाषा) गुजरात की शाही विरासत, कला और जीवंत स्थानीय परंपराओं से रूबरू होने के लिए 30 से अधिक देशों के राजदूतों समेत करीब 150 विदेशी प्रतिनिधि सप्ताहांत में वडोदरा में जुटे। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि सांस्कृतिक एवं कला संगठन ‘सोपान’ ने सांस्कृतिक संवाद को बढ़ावा देने और शहर की कलात्मक विरासत को प्रदर्शित करने के लिए ‘ऐक्यम 2026-रस और यथार्थवाद’ नाम से दो दिवसीय सांस्कृतिक कूटनीति पहल का आयोजन किया है।
उन्होंने बताया कि शनिवार को प्रतिनिधियों ने महाराजा फतेहसिंह संग्रहालय का दौरा किया, जहां मशहूर चित्रकार राजा रवि वर्मा की कलाकृतियां रखी गई हैं। इसके बाद प्रतिनिधि गायकवाड़ शाही परिवार के निवास लक्ष्मी विलास पैलेस पहुंचे।
अधिकारियों के मुताबिक, प्रतिनिधियों ने महारानी राधिका राजे गायकवाड़ और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मशहूर कला विशेषज्ञ डेबोरा स्वैलो के साथ कला पर चर्चा की। वे महाराजा समरजीत सिंह गायकवाड़ की ओर से आयोजित शाही भोज में भी शामिल हुए।
अधिकारियों ने बताया कि रविवार को प्रतिनिधियों ने यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल चंपानेर-पावागढ़ पुरातत्व पार्क का दौरा किया। इसके अलावा, उन्होंने शहर के एक स्थानीय कुश्ती अखाड़े का दौरा कर इस पारंपरिक सामुदायिक गतिविधि को देखा।
प्रतिनिधियों ने गुजराती वस्त्रों और हस्तशिल्प का भी अवलोकन किया। इसके बाद वे वडोदरा के सांसद हेमांग जोशी की ओर से आयोजित नवरात्रि भोज में शामिल हुए।
भाषा पारुल रंजन
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